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Chhath Puja 2025 Live: छठ पूजा कैसे की जाती है, सूर्य भगवान को किन-किन चीजों का भोग लगता है, यहां जानिए सबकुछ

Written By: Naveen Khantwal Updated : Oct 27, 2025 01:53 pm IST

Chhath Puja Vidhi, Shubh Muhurt Live: छठ महापर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर से हो चुकी है और 28 अक्टूबर तक यह चार दिवसीय पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान पूजा की विधि क्या रहेगी, किन मंत्रों का जप आपको करना चाहिए और सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ समय कब रहेगा आइए जानते हैं विस्तार से।

Chhath Puja 2025- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK छठ पूजा 2025

Chhath Puja Vidhi, Shubh Muhurt Live: छठ पर्व के दौरान छठी माता और सूर्य देव की पूजा की जाती है। भक्ति, संयम और पवित्रता इस महापर्व के मुख्य अंग हैं। साल 2025 में छठ का पर्व 25 अक्टूबर से शुरू हुआ था और 28 अक्टूबर तक यह पर्व मनाया जाएगा। चार दिवसीय छठ पर्व के दौरान भक्तों को किस विधि से पूजा करनी चाहिए, पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब रहेगा इन सवालों का जवाब आपको हमारे इस लेख में मिलेगा। साथ ही हम आपको बताएंगे कि इस पर्व के दौरान आपको किन मंत्रों का जप करना चाहिए और भोग के रूप में क्या चीजें आपको अर्पित करनी चाहिए। 

छठ पूजा विधि (Chhath Puja Vidhi)

  1. छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय से होती है जो 25 अक्टूबर 2025 को था। इस दिन घर की साफ-सफाई की जाती है। व्रत लेने वाले पवित्र नदियों में इस दिन स्नान करते हैं। मिट्टी के चुल्हे में इस दिन भोजन बनाया जाता है और कद्दू की सब्जी, चने की दाल प्रसाद के रूप में खाई जाती है। 
  2. छठ पूजा का दूसरा दिन बेहद अहम माना जाता है। इस दिन व्रत लेने वाले लोग आत्मिक और शारीरिक रूप से खुद को शुद्ध करते हैं। इस पूरे दिन भर व्रत रखकर व्रती को शाम के समय छठी माता और सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए और उसके बाद मिट्टी के बर्तन में बने प्रसाद को ग्रहण करना चाहिए। इस दिन प्रसाद के रूप में गुड़ या दूध की खीर बनाई जाती है। साथ ही इस दिन रोटी, पूड़ी और केला भी व्रती प्रसाद रूप में ग्रहण कर सकते हैं। प्रसाद खाने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। 
  3. छठ पूजा के तीसरे दिन अस्तगामी सूर्य को शाम के वक्त अर्घ्य दिया जाता है। इस दौरान सूर्य और षष्ठी माता के मंत्रों का जप करना भी शुभ होता है। 
  4. छठ पूजा के आखिरी दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण करके छठ व्रत का पारण करते हैं और इस व्रत को सभी लोगों में बांटते हैं। 

सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 

  • 27 अक्टूबर को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य- शाम 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 41 मिनट तक
  • 28 अक्टूबर को उदय होते सूर्य को अर्घ्य- इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 29 मिनट पर होगा, इसके बाद 9 बजे तक आप सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकते हैं। 

Chhath Puja Vidhi, Shubh Muhurt Live

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  • 1:10 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Chhath Puja Evening Arag Time 2025: छठ पूजा संध्या अर्घ्य समय

    आज छठ पूजा संध्या अर्घ्य समय 27 अक्टूबर 2025 की शाम 5 बजकर 10 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 48 मिनट तक रहने वाला है। 

  • 12:29 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

    • ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से
    • ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
    • ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
    • अमरुदवा जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
    • शरीफवा जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
    • ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
    • सभे फलवा जे फरेला खबद से
    • ओह पर सुगा मेड़राए
    • मारबो रे सुगवा धनुख से
    • सुगा गिरे मुरझाए
    • ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
    • आदित होई ना सहाय
  • 12:27 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    अगर गलती से छठ व्रत टूट जाए तो क्या करें

    धर्मशास्त्रों में बताया गया है 36 घंटे का निर्जला व्रत अगर टूट जाए तो क्या करें? ऐसी स्थिति में प्रायश्चित का तरीका अपनाना चाहिए। सबसे पहले स्नान करें, शांत मन से छठी मैया के सामने दीप जलाएं और क्षमा प्रार्थना करें। इसके बात मन में कहें, "हे छठी मैया, मुझसे अनजाने में गलती हुई है, कृपा करें और मुझे क्षमा करें।" इसके बाद किसी पंडित या बुजुर्ग से सलाह लेकर दान करना भी शुभ माना गया है।

  • 11:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    श्री सूर्य देव की आरती (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan)

    • ऊँ जय सूर्य भगवान,
    • जय हो दिनकर भगवान ।
    • जगत् के नेत्र स्वरूपा,
    • तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ।
    • धरत सब ही तव ध्यान,
    • ऊँ जय सूर्य भगवान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • सारथी अरूण हैं प्रभु तुम,
    • श्वेत कमलधारी ।
    • तुम चार भुजाधारी ॥
    • अश्व हैं सात तुम्हारे,
    • कोटी किरण पसारे ।
    • तुम हो देव महान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • ऊषाकाल में जब तुम,
    • उदयाचल आते ।
    • सब तब दर्शन पाते ॥
    • फैलाते उजियारा,
    • जागता तब जग सारा ।
    • करे सब तब गुणगान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • संध्या में भुवनेश्वर,
    • अस्ताचल जाते ।
    • गोधन तब घर आते॥
    • गोधुली बेला में,
    • हर घर हर आंगन में ।
    • हो तव महिमा गान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • देव दनुज नर नारी,
    • ऋषि मुनिवर भजते ।
    • आदित्य हृदय जपते ॥
    • स्त्रोत ये मंगलकारी,
    • इसकी है रचना न्यारी ।
    • दे नव जीवनदान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • तुम हो त्रिकाल रचियता,
    • तुम जग के आधार ।
    • महिमा तब अपरम्पार ॥
    • प्राणों का सिंचन करके,
    • भक्तों को अपने देते ।
    • बल बृद्धि और ज्ञान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • भूचर जल चर खेचर,
    • सब के हो प्राण तुम्हीं ।
    • सब जीवों के प्राण तुम्हीं ॥
    • वेद पुराण बखाने,
    • धर्म सभी तुम्हें माने ।
    • तुम ही सर्व शक्तिमान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • पूजन करती दिशाएं,
    • पूजे दश दिक्पाल ।
    • तुम भुवनों के प्रतिपाल ॥
    • ऋतुएं तुम्हारी दासी,
    • तुम शाश्वत अविनाशी ।
    • शुभकारी अंशुमान ॥
    • ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥
    • ऊँ जय सूर्य भगवान,
    • जय हो दिनकर भगवान ।
    • जगत के नेत्र रूवरूपा,
    • तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ॥
    • धरत सब ही तव ध्यान,
    • ऊँ जय सूर्य भगवान ॥
  • 10:04 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    छठ पूजा फलों का प्रसाद

    • केला
    • नारियल
    • गन्ना
    • अनार
    • सेब
    • नींबू
    • अन्य मौसमी फल
  • 9:24 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    केलवा के पात पर छठ गीत (kelwa ke paat par lyrics)

    • केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके, केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके।।
    • के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके, के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके ||
    • हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी, हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी ।।
    • के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी, के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ।।
    • हमरो जे बेटवा तोहन अइसन बेटावा से उनके लागी, हमरो जे बेटवा तोहन अइसन बेटावा से उनके लागी ।।
    • से करेली छठ बरतिया से उनके लागी, से करेली छठ बरतिया से उनके लागी ।।
    • अमरूदिया के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके, अमरूदिया के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके ।।
    • के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके, के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके ।।
    • हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी, हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी ।।
    • के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी, के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ।।
    • हमरो जे स्वामी तोहन अइसन स्वामी से उनके लागी, हमरो जे स्वामी तोहन अइसन स्वामी से उनके लागी ।।
    • से करेली छठ बरतिया के उनके लागी, से करेली छठ बरतिया के उनके लागी ।।
    • नारियर के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके, नारियर के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके ।।
    • के करेली छठ बरतिया से झांके झुके, के करेली छठ बरतिया से झांके झुके ।।
    • हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी, हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी ।।
    • के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी, के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ।।
    • हमरो जे बेटी तोहन बेटिया से उनके लागी, हमरो जे बेटी तोहन बेटिया से उनके लागी ।।
    • से करेली छठ बरतिया से उनके लागी, से करेली छठ बरतिया से उनके लागी ।।
  • 8:31 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Chhath Vrat Katha: छठ व्रत की कथा

    कहते हैं जब पांडव अपना राजपाट हार गए थे, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा था। वह सूर्य देव की उपासना करके अपने पति और परिवार की समृद्धि और पुनः राजपाट प्राप्त करने के लिए व्रत करने लगीं। उनकी भक्ति और तपस्या के परिणामस्वरूप पांडवों को खोया हुआ राजपाट और सुख-समृद्धि प्राप्त हुई।

  • 8:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Anuradha Paudwal Chhath Song: अनुराधा पोडवाल के छठ गीत

  • 7:16 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    सूर्य को अर्घ्य देने का समय

    छठ पूजा के तीसरे दिन सूर्य को अर्घ्य देने का समय शाम 05:48 बजे का है।

  • 6:57 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    छठ पर्व का संध्या अर्घ्य आज

    छठ के तीसरे दिन व्रतधारी डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह पूजा शाम के समय घाट या नदी में की जाती है। इस दिन व्रतधारी व्रत रखकर संध्या समय सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। पूजा के लिए बांस की टोकरी में ठेकुआ, फल, नारियल, गन्ना, और अन्य सामग्री रखी जाती है। परिवार और समाज के लोग एक साथ घाट पर जाकर सूर्य को नमन करते हैं। 

  • 6:11 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    पहिले पहिल हम कईनी (Chhath Geet Sharda Sinha)

    • पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर,
    • छठी मईया व्रत तोहर।
    • करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार,
    • भूल-चूक गलती हमार।
    • गोदी के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार,
    • छठी मईया ममता-दुलार।
    • पिया के सनईहा बनईहा, मैया दिहा सुख सार,
    • मैया दिहा सुख सार।
    • नारियल केरवा घवदवा, साजल नदिया किनार,
    • साजल नदिया किनार।
    • सुनिहा अरज छठी मैया, बढ़े कुल परिवार,
    • बढ़े कुल परिवार।
    • घाट सजवली मनोहर, मैया तोरा भगती अपार,
    • मैया तोरा भगती अपार।
    • लिहि ए अरग हे मैया, दिहीं आशीष हजार,
    • दिहीं आशीष हजार।
    • पहिले पहिल हम कईनी, छठीमैया बरत तोहर,
    • छठीमैया व्रत तोहर।
    • करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार
    • भूल-चूक गलती हमार, भूल-चूक गलती हमार।
  • 6:21 PM (IST) Posted by Arti Azad

    औरंगाबाद सूर्य मंदिर

    बिहार के औरंगाबाद में स्थित सूर्य मंदिर अपनी विशेष परंपरा के कारण प्रसिद्ध है। यहां न केवल उगते सूर्य की, बल्कि अस्त होते सूर्य की भी पूजा की जाती है। छठ पर्व के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भगवान आदित्य के इस मंदिर में भक्तजन सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।

  • 5:37 PM (IST) Posted by Arti Azad

    छठ पूजा का महत्व

    छठ महापर्व दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि छठी मैया, सूर्यदेव की बहन हैं और नवजात शिशुओं की रक्षा करती हैं। मार्कण्डेय पुराण में छठी देवी को प्रकृति का छठा अंश बताया गया है। छठ पर्व से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जिनमें राजा प्रियंवद और द्रौपदी की कथा प्रमुख है। इन कथाओं से प्रेरित होकर आज भी लाखों श्रद्धालु छठ का व्रत करते हैं।

  • 5:22 PM (IST) Posted by Arti Azad

    देवी प्रत्यूषा की पूजा का महत्व

    छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्यास्त के दौरान अर्घ्य देने के साथ सूर्यदेव की पत्नी प्रत्यूषा की भी पूजा की जाती है। देवी प्रत्यूषा का संबंध 'सांध्यकाल' से है, जब दिन समाप्त होकर रात्रि का आगमन होता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, प्रत्यूषा सूर्य की दूसरी पत्नी हैं और उनका नाम 'प्रत्यूष' से लिया गया है, जिसका अर्थ 'संध्य' या 'सूर्यास्त का समय' होता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, जब सूर्य अपनी पत्नी संज्ञा से अलग हुए, तो उनका विस्तार प्रत्यूषा और छाया के रूप में हुआ। इस तह प्रत्यूषा और छाया दोनों ही संज्ञा के दो अलग-अलग रूप माने गए। कहते हैं कि सूर्य अस्त होने पर प्रत्युषा का प्रभाव बढ़ता है। इस समय की गई पूजा सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करती है। 

  • 4:43 PM (IST) Posted by Arti Azad

    36 घंटे का व्रत टूटने पर क्या करें

    छठ पूजा महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन उपवास, तीसरे दिन निर्जला उपवास और चौथे दिन पारण होता है। यह 36 घंटे का कठिन व्रत मन, शरीर और आत्मा को तपाकर शुद्ध करता है। लेकिन अगर किसी मजबूरी की वजह से व्रत अधूरा रह जाए, तो ऐसी स्थिति में प्रायश्चित का तरीका अपनाना चाहिए। सबसे पहले स्नान करें, शांत मन से छठी मैया के सामने दीप जलाएं और क्षमा प्रार्थना करें। कहें, "हे छठी मैया, मुझसे अनजाने में गलती हुई है, कृपा करें और मुझे क्षमा करें।" इसके बाद किसी पंडित या बुजुर्ग से सलाह लेकर दान करना भी शुभ माना गया है।

  • 4:10 PM (IST) Posted by Arti Azad

    डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का कारण

    छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देना केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि जीवन दर्शन से जुड़ा प्रतीक है। डूबता सूर्य यह दर्शाता है कि हर कठिनाई या अंधकार का अंत होता है और नया सवेरा जरूर आता है। डूबते सूरज को प्रणाम करना हमें इस समय की अहमियत समझाता है। इस अर्घ्य के माध्यम से व्रती अपनी नकारात्मकता को समाप्त कर नवजीवन की शुरुआत का संकल्प लेते हैं।

  • 3:17 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    छठ मां किसकी पत्नी है?

    छठी माता को भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय की पन्नी हैं। इसलिए इनका संबंध भगवान शिव से भी है और ऐसे में छठ पर्व के दौरान शिव जी की पूजा करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

  • 2:50 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    छठ पर्व में न करें ये गलतियां

    अर्घ्य से पहले कुछ भी ग्रहण न करें
    प्रसाद को झूठा न करें
    साफ-सफाई का रखें पूरा ध्यान
    तामसिक भोजन से करें परहेज
    अर्घ्य का समय न करें नजरअंदाज

  • 2:36 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    छठी मईया किस की पुत्री हैं?

    छठी मईया को भगवान ब्रह्मा की मानस पुत्री माना जाता है। साथ ही ये सूर्य देव की बहन भी हैं। इन्हें षष्ठी देवी के नाम से भी जाना जाता है। छठी मईया की पूजा करने से पारिवार सुख की प्राप्ति होती है। संतान की खुशहाली और जीवन में समृद्धि प्राप्त करने के लिए भी माता की पूजा करना बेहद शुभ होता है। 

  • 2:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Chhati Maiya Geet: छठी मईया का गीत

    ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
    ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

    अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
    शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

    ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
    सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥

    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

  • 2:19 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    खरना पूजा कब से शुरू होगी?

    छठ पूजा का दूसरा दिन आज यानि 26 अक्टूबर को है। इस दिन खरना किया जाएगा। खरना पूजा का शुभ मुहूर्त आज शाम 5 बजकर 41 मिनट से शुरू होगा। 

  • 1:41 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    छठ पूजा भोग लिस्ट (Chhath Puja Bhog List)

    ठेकुआ
    डाब नींबू (बड़े आकार का नींबू)
    चावल के लड्डू
    गुड़ की खीर
    नारियल
    केला
    गन्ना
    सुथनी
    सिंघाड़ा

  • 1:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    षष्ठी माता को इन मंत्रों के जप से करें प्रसन्न

    मंत्र- ॐ ह्रीं षष्ठीदेव्यै स्वाहा 

    ध्यान मंत्र- 
    षष्ठांशां प्रकृते: शुद्धां सुप्रतिष्ठाण्च सुव्रताम्।
    सुपुत्रदां च शुभदां दयारूपां जगत्प्रसूम्।।
    श्वेतचम्पकवर्णाभां रत्नभूषणभूषिताम्।
    पवित्ररुपां परमां देवसेनां परां भजे।।

  • 12:26 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    छठ पर्व में करें सूर्य देव के इन मंत्रों का जप

    ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।।

    ॐ सूर्याय नम:।।

    ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा ।।

    ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।।

    ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।।

  • 11:59 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Chhath Puja: छठी माता की आरती (Chhathi Mata Ki Aarti)

    जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।। जय ।।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदिति होई ना सहाय।
    ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ।। जय ।।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ।। जय ।।
    अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडरराए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।। जय ।।
    ऊ जे सुहनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
    शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ।। जय ।।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।। जय ।।
    ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।। जय ।।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
    सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।। जय ।।
    मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

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