1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Chitragupta Puja 2023: इस मुहूर्त में करें भगवान चित्रगुप्त की पूजा, बुद्धि और विद्या का मिलेगा आशीर्वाद, कारोबार में भी होगी वृद्धि

Chitragupta Puja 2023: इस मुहूर्त में करें भगवान चित्रगुप्त की पूजा, बुद्धि और विद्या का मिलेगा आशीर्वाद, कारोबार में भी होगी वृद्धि

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Nov 15, 2023 08:29 am IST,  Updated : Nov 15, 2023 08:45 am IST

Chitragupta Puja 2023: आज भाई दूज के दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। इस दिन कलम, दावत और कितान की पूजा करने से व्यक्ति के ज्ञान में वृद्धि होती है।

Chitragupta Puja 2023- India TV Hindi
Chitragupta Puja 2023 Image Source : INDIA TV

Chitragupta Puja 2023: हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान चित्रगुप्त की पूजा का विधान है। इस दिन कायस्थ समाज चित्रगुप्त जी के साथ कलम, दवात और बहीखाता की भी पूजा करते हैं। इस बार चित्रगुप्त पूजा आज यानी 15 नवंबर को की जाएगी। हर साल भाई दूज के दिन ही भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने की परंपरा है। तो चलिए जानते हैं कि आज चित्रगुप्त पूजा शुभ मुहूर्त और मंत्र के बारे में।

भईया दूज या चित्रगुप्त पूजा के दिन किताब-कलम की पूजा क्यों करनी चाहिए?

आज के दिन कलम की पूजा जरूर करनी चाहिए। कलम की पंचोपचार विधि से पूजा करके श्रीचित्रगुप्त का स्मरण करें और उनसे हाथ जोड़कर उस कलम को आशीर्वाद रूप में प्राप्त करने की प्रार्थना करें। इस प्रकार पूजी गई कलम अमोघ यानि प्रभावी हो जाती है । धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, उस कलम से लिखा गया सही हो जाता है। पूजा की गई कलम से लिखने पर दैवीय सहायता प्राप्त होती है। 

इसके अलावा आपने जो किताब दीपावली की रात बंद की थी, उसे कलम की पूजा करके फिर से खोलिए और उसपर स्वास्तिक का चिन्ह अंकित करके या श्रीगणेशाय नम: लिखकर सिद्धि बुद्धि सहित श्री गणेश को प्रणाम कीजिए और उसके बाद उस कलम को प्रयोग में ले लेना चाहिए। अगर आप चाहें तो एक से ज्यादा कलम की पूजा भी कर सकते हैं और उनका उपयोग आप आने वाले पूरे वर्ष भर कीजिए। मालूम हो कि दीपावली के दिन बही खाते बदले जाते हैं और आज उन नए बही खातों पर काम शुरू किया जाता है। 

चित्रगुप्त पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक,  भगवान चित्रगुप्त ब्रह्म देव की काया यानि शरीर से उत्पन्न हुए थे, इसलिए उनको कायस्थ कहा जाता है। इसी कारण ब्रहा देव ने उनको जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने की जिम्मेदारी दी है। चित्रगुप्त पूजा करने से बुद्धि, विद्या और लेखन में महारत हासिल होती है। वहीं बता दें दिवाली से चित्रगुप्त पूजा तक कायस्थ समाज के लोग लेखा-जोखा का कार्य नहीं करते हैं। 

चित्रगुप्त पूजा 2023 शुभ मुहूर्त

  • द्वितीया तिथि आरंभ- 14 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से
  • द्वितीया तिथि समाप्त- 15 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 47 मिनट तक
  • चित्रगुप्त पूजा का शुभ मुहूर्त: 15 नवंबर, सुबह 09:24 से दोपहर 01:26 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त- 15 नवंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 तक 
  • अमृत काल मुहूर्त- 15 नवंबर को शाम 5 बजे से 6 बजकर 36 मिनट तक 
  • चित्रगुप्त पूजा के लिए सुबह का मुहूर्त- 15 नवंबर को 10 बजकर 48 से दोपहर 12 बजकर 13 तक

चित्रगुप्त पूजा मंत्र

  1. ओम श्री चित्रगुप्ताय नमः

  2. मसिभाजनसंयुक्तं ध्यायेत्तं च महाबलम्। लेखिनीपट्टिकाहस्तं चित्रगुप्तं नमाम्यहम्।।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। । इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

ये भी पढ़ें-

Bhai Dooj 2023: भाई दूज पर किस दिशा में बैठकर लगाएं टीका? इन नियमों का पालन करने से मिलेगा शुभ फल

Wednesday Mythology Story: आखिर क्यों भगवान गणेश को कहते हैं एकदंत? इस वजह से पड़ा ये नाम

Dev Diwali 2023: अयोध्या में दिवाली, तो काशी में क्यों मनाते हैं देव दीपावली? पढ़ें यह पौराणिक कथा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म