नवंबर की शुरुआत आपके लिए सिर्फ सर्दी की नहीं, बल्कि नए नियमों की ठंडक और गर्मी भी लेकर आ रही है। 1 नवंबर 2025 से देश में कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा।
आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। अब आपका आधार अपडेट करना सिर्फ कुछ क्लिक में संभव होगा। 1 नवंबर 2025 से UIDAI आधार कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू करने जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि आधार-आधारित सत्यापन का यह कदम डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और टैक्स दाखिल करने में जवाबदेही और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
UIDAI आधार धारकों को अपने पहचान प्रमाण (PoI) और पते के प्रमाण (PoA) दस्तावेजों को ऑनलाइन अपडेट करने की अनुमति देता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आधार डेटाबेस में दी गई जानकारी सही है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स चैटजीपीटी द्वारा आधार कार्ड बनाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि ChatGPT को आधार बनाने के लिए डेटा का प्रशिक्षण कैसे मिला है।
How to lock aadhaar biometric : आधार कार्ड की बायोमेट्रिक डिटेल्स को आसानी से लॉक और अनलॉक किया जा सकता है। आप UIDAI पोर्टल पर जाकर, एमआधार ऐप से या एसएमएस के जरिए भी ऐसा कर सकते हैं।
आधार आज के समय में बहुत जरूरी है। इसके लिए बैंकिंग से लेकर कोई सरकारी लाभ लेना संभव नहीं है। अगर आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर नहीं जुड़ा है तो परेशानी हो सकती है।
पैन कार्ड रुपये-पैसे के लेन-देन से लेकर ITR फाइल करने तक में इस्तेमाल किया जाता है। सरकार ने PAN कार्ड को आधार से लिंक करना सभी के लिए अनिवार्य बना दिया है। इसलिए पैन को आधार से लिंक करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर आपका पैन निष्क्रिय
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कुछ वेबसाइट भारतीय नागरिकों के आधार और पैन कार्ड विवरण सहित संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियों को लीक कर रही थीं।
सचिव ने कहा कि वर्तमान सरकारी आंकड़े कृषि भूमि के टुकड़ों और राज्यों द्वारा प्रदान किए गए फसल के विवरण तक सीमित हैं, लेकिन इसमें व्यक्तिगत किसान-वार जानकारी का अभाव है। नई रजिस्ट्री का उद्देश्य इस अंतर को पाटना है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आधार कार्ड जारी करने में ‘‘बहुत सख्ती’’ बरतेगी। असम में आधार बनवाना आसान नहीं होगा।
नया महीना आज से शुरू हो गया है। इसके साथ ही कई नए नियम बदल गए हैं।
इसी प्रकार, एक पात्र व्यक्ति जिसकी आंखों की पुतली किसी भी कारण से नहीं ली जा सकी है, वह केवल अपने फिंगरप्रिंट का उपयोग करके नामांकन कर सकता है।
मोदी सरकार देश के 80 करोड़ लोगों का मुफ्त राशन उपलब करा रही है। कोरोना महामारी के बाद यह सुविधा मोदी सरकार दे रही है। इससे देश के गरीब आबादी को बहुत फायदा मिलेगा। ऐसे में अगर आप एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट होते हैं तो भी आप इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस की रिपोर्ट पर बयान जारी करते हुए कहा कि आधार दुनिया में सबसे ज्यादा भरोसेमंद डिजिटल आईडी है। उनकी रिपोर्ट निराधार है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि एपीबीएस सही लाभार्थियों को वाजिब भुगतान पाने में मदद कर रहा है और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने में सहायक है।
जिन निवासियों ने अपना आधार 10 साल पहले बनवाया था और उसके बाद इन सालों में कभी भी उसे अपडेट नहीं किया है, ऐसे आधार धारकों को अपने दस्तावेजों को अपडेट करना चाहिए।
एम-आधार एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां हम अपने आधार कार्ड को वर्चुअली रख सकते हैं।
पांच साल की उम्र तक के बच्चों की बायोमेट्रिक जानकारी नहीं ली जाती है। इस जानकारी को तब अद्यतन किया जाता है जब बच्चे की उम्र पांच और फिर 15 साल होती है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइई) के अनुसार, अगर आपका आधार 10 साल पुराना है तो आपको उसको अपडेट करना होगा।
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