ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क को स्पोर्ट ऑस्ट्रेलिया हॉल ऑफ फेम में लीजेंड का दर्जा दिया गया है। डोनाल्ड ब्रैडमैन, कीथ मिलर, रिची बेनो, डेनिस लिली और शेन वार्न के बाद क्लार्क यह सम्मान पाने वाली छठी क्रिकेटर हैं। हॉल ऑफ फेम का कहना है कि यह उत्कृष्टता और उनके खेल में आजीवन योगदान को मान्यता देता है।
क्लार्क सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक रहीं, जिन्होंने 1991 से 2005 तक के अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान ODI मैचों में 47.49 और टेस्ट मैचों में 45.95 की औसत से रन बनाए। ODI में उन्होंने 5 शतक के दम पर 4844 और टेस्ट में 2 शतक की बदौलत 919 रन बनाए। उन्हें मात्र 23 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था और उन्होंने 11 सालों तक यह जिम्मेदारी संभाली। क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए साल 2023 में क्लार्क को एससीजी में अन्य महान खिलाड़ियों के साथ एक प्रतिमा के साथ सम्मानित किया गया था।
क्लार्क के की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 101 में से 83 ODI मैच और दो वर्ल्ड कप खिताब जीते। उन्होंने अपने 15 में से 11 टेस्ट मैचों में टीम का नेतृत्व भी किया। सचिन तेंदुलकर ने साल 2010 में ODI में दोहरा शतक जड़ने का कारनामा किया था। वहीं, बेलिंडा क्लार्क ने सचिन से पहले ही ODI में दोहरा शतक जड़ने का कारनामा कर दिखाया था। क्लार्क 1997 के वर्ल्ड कप में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाकर ODI क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी (महिला या पुरुष) बनीं थी।
क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद क्लार्क ने महिला क्रिकेट के विकास में काफी योगदान दिया, जिसमें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की प्रशासक और ICC महिला समिति की सदस्य के रूप में कार्य करना शामिल है। क्लार्क ने कहा कि स्पोर्ट ऑस्ट्रेलिया हॉल ऑफ फेम में लीजेंड का दर्जा पाना उनके लिए अविश्वसनीय सम्मान की बात है। वह आश्चर्य, कृतज्ञता और गर्व महसूस कर रही हैं। उन्होंने एक टीम गेम खेला है और सच्चाई यह है कि पूरी टीम के समर्थन और प्रतिबद्धता के बिना हममें से कोई भी कुछ हासिल नहीं कर सकता।
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