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साल 2022 में खेल प्रेमियों को नहीं मिलेगी फुर्सत, फीफा वर्ल्ड कप से लेकर T20 वर्ल्ड कप का दिखेगा रोमांच

 Edited By: Bhasha
 Published : Jan 01, 2022 04:50 pm IST,  Updated : Jan 01, 2022 04:50 pm IST

कोरोना महामारी के बीच नये साल का आगाज हो चुका है और खेल प्रेमियों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीम को सपोर्ट करने के लिए एक बार फिर अपनी कमर कस ली है। 

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साल 2022 में खेल प्रेमियों को नहीं मिलेगी फुर्सत, फीफा वर्ल्ड कप से लेकर T20 वर्ल्ड कप का दिखेगा रोमांच Image Source : GETTY

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच नये साल का आगाज हो चुका है और खेल प्रेमियों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीम को सपोर्ट करने के लिए एक बार फिर अपनी कमर कस ली है। इस साल दुनियाभर में कई बड़ी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होना है जिसमें फीफा वर्ल्ड कप और T20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट शामिल हैं। आइए एक नजर डालते हैं साल 2022 की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं पर जिनका भारत और दुनिया को बेसब्री से इंतजार है। 

क्रिकेट:-

भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा (26 दिसंबर से 23 जनवरी): रोमांचक टेस्ट श्रृंखला चल रही है जिसमें भारत ने पहला टेस्ट जीतकर विजयी शुरुआत की है। तीन मैच की टेस्ट श्रृंखला के बाद इतने ही मुकाबलों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला होगी जिसमें लोकेश राहुल को पहली बार भारतीय टीम की अगुआई करने का मौका मिलेगा। रोहित शर्मा के पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर होने के बाद राहुल को कप्तान बनाया गया है। 

वेस्टइंडीज में आईसीसी अंडर-19 पुरुष वनडे विश्व कप (15 जनवरी से पांच फरवरी): दिल्ली के बल्लेबाज यश धुल भारत की अंडर-19 टीम की अगुआई कर रहे हैं जो पांचवां खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। आयु वर्ग के इस शीर्ष टूर्नामेंट में 16 टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी और कुल 48 मैच खेले जाएंगे। 

न्यूजीलैंड में आईसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप (चार मार्च से तीन अप्रैल): भारत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खिताब के दावेदारों में शामिल रहेगा जिसे महामारी के कारण एक साल के लिए स्थगित किया गया। भारतीय कप्तान 39 साल की मिताली राज इस टूर्नामेंट में खिताब के साथ अपने शानदार करियर का अंत करना चाहेंगी। 

ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप (16 अक्टूबर से 13 नवंबर): ऑस्ट्रेलिया के टी20 प्रारूप में पहली बार विश्व चैंपियन बनने के सिर्फ एक साल बाद इस टीम को अपने घरेलू मैदान पर खिताब का बचाव करने का मौका मिलेगा।  भारतीय टीम के लिए यह मौका होगा कि वे पिछले साल पहले दौर से बाहर होने की निराशा को दूर करे। 

अन्य खेल प्रतियोगिताएं

चीन के बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक (चार से 20 फरवरी): चीन की धूमिल मानवाधिकार छवि के कारण राजनीतिक विवाद में रहे इन खेलों का अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बड़े देश पहले ही राजनयिक बहिष्कार कर चुके हैं। खिलाड़ियों को हालांकि  खेलों के इतर होने वाली राजनीतिक उथल पुथल की जगह अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। भारत ने इन खेलों में कभी पदक नहीं जीता है। स्कीइंग खिलाड़ी आरिफ खान पर भारत की नजरें होंगी जिन्होंने स्लेलोम और जाइंट स्लेलोम में जगह बनाई इन दोनों की दो स्पर्धाओं में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय हैं। 

इंग्लैंड के बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेल (28 जुलाई से आठ अगस्त): भारतीय खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रमंडल खेल पदक के लिहाज से सफल खेल रहते हैं लेकिन इस बार निशानेबाजी के इन खेलों का हिस्सा नहीं होने के कारण देश की पदक की संख्या में गिरावट आ सकती है। अब देखना होगा कि भारत इस खेल की गैरमौजूदगी से कैसे निपटता है जिसने 1966 में पदार्पण के बाद से देश के लिए 63 स्वर्ण पदक सहित कुल 135 पदक जीते हैं। 

चीन के हांगझू में एशियाई खेल (10 से 25 सितंबर): भारत ने 2018 खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इन खेलों में भारत का प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है। 

फुटबॉल:-

भारत में एएफसी एशियाई महिला कप (20 जनवरी से छह फरवरी): यह भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ा कदम होगा क्योंकि देश को 1979 के बाद पहली बार इस शीर्ष क्षेत्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता में भारत 1979 और 1983 में उप विजेता रह चुका है और इस प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। 

भारत में फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप (11 से 30 अक्टूबर): देश में महिला फुटबॉल के लिए एक और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट। इसे 2021 में आयोजित होना था लेकिन कोविड-19 के कारण स्थगित करना पड़ा। स्पेन गत चैंपियन है और भारत की नजरें टूर्नामेंट में प्रभावी प्रदर्शन पर टिकी होंगी जिससे कि देश में इस खेल को फायदा हो। 

कतर में फीफा पुरुष विश्व कप: (21 नवंबर से 18 दिसंबर): अरब देशों में होने वाला पहला विश्व कप कतर की असहनीय गर्मी के कारण सर्दियों में आयोजित होगा। गर्मी के कारण जून-जुलाई के नियमित समय के दौरान प्रतियोगिता का आयोजन संभव नहीं है। इस टूर्नामेंट को बोली प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े श्रमिकों के काम के माहौल को लेकर आरोपों का सामना करना पड़ा है। 

एथलेटिक्स: अमेरिका के युगेन में आईएएएफ विश्व चैंपियनशिप (15 से 24 जुलाई): एक और शीर्ष प्रतियोगिता जिसे महामारी के कारण इस साल के लिए स्थगित किया गया। इस प्रतियोगिता में अंजू बॉबी जॉर्ज 2003 में लंबी कूद के कांस्य पदक के साथ पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय एथलीट हैं और भारत को उम्मीद है कि इस साल ओलंपिक चैंपियन भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एक और ऐतिहासिक पदक जीतेंगे। 

हॉकी: स्पेन और नीदरलैंड में एफआईएच पुरुष विश्व कप: भारतीय महिला हॉकी टीम ने तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान के साथ सभी को प्रभावित किया था। रानी रामपाल और उनकी टीम की साथी इस सकारात्मक प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगी। विश्व कप में टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में रहा जब टीम चौथे स्थान पर रही। इंग्लैंड में हुए पिछले टूर्नामेंट में टीम आठवें स्थान पर रही थी। 

तैराकी: जापान के फुकुओका में फिना विश्व एक्वाटिक्स चैंपियनशिप (एक से 29 मई): तैराकी, गोताखोरी, ओपन वाटर तैराकी, कलात्मक तैराकी और वाटर पोलो की यह प्रत्येक दो साल में होने वाली शीर्ष प्रतियोगिता है। पदक के लिहाज से भारत का दावा काफी मजबूत नहीं है लेकिन  देश के खिलाड़ी अपने प्रदर्शन में सुधार के इरादे से उतरेंगे।

(With bhasha Inputs)

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