आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्रीय खेल मंत्रालय को देश के सर्वश्रेष्ठ खेल पुरस्कार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए विजयवाड़ा की तीरंदाज वेन्नम ज्योति सुरेखा के नाम पर विचार करने का निर्देश दिया है। 2023 में सुरेखा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उन्हें इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया, जबकि उनके पास खेल रत्न पाने के लिए सभी योग्यताएं थीं। लंबी बहस के बाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस निम्मगड्डा वेंकटेश्वरलु ने हाल ही में अंतिम फैसला सुनाया। फैसला हर मंगलवार को उपलब्ध होता है।
इस फैसले में सुझाव दिया गया कि वर्ष 2023 और 2024 के लिए खेल रत्न पुरस्कार के लिए पहले ही चयनित खिलाड़ियों के साथ ज्योति सुरेखा के नाम पर भी विचार किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि चूंकि 2023 में आयोजित पुरस्कारों का चयन इस स्तर पर उचित नहीं होगा, इसलिए सुरेखा के पुराने आवेदन पर विचार किया जाना चाहिए और सुरेखा से नया आवेदन जमा करने के लिए कहे बिना उसका नाम खेल पुरस्कारों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
पुरस्कार नीति के अनुसार, पदकों के लिए आवंटित अंकों के अनुसार सुरेखा के पास 148 अंक थे, उस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं के पास केवल 58.5 अंक थे और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया कि सुरेखा के साथ कोई अन्याय न हो। नीति के प्रावधानों के अनुसार पुरस्कार का 80 प्रतिशत भाग पदकों पर आधारित होता है तथा 20 प्रतिशत भाग चयन समिति के विवेक पर निर्भर होता है। हालांकि, केंद्रीय खेल विभाग ने इस विवेकाधिकार का दुरुपयोग न हो इसके लिए दिशानिर्देश तैयार करने का आदेश दिया है। इस मुकदमे में याचिकाकर्ता की ओर से वकील उन्नम मुरलीधर राव और अखिल चौधरी ने बहस की ।
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