इजरायल और ईरान में युद्ध की घड़ी नजदीक आने से पहले अमेरिका के 12 एफ-22 रैप्टर मध्य-पूर्व की ओर रवाना हो गए हैं। वह तेजी से मध्य-पूर्व के आसमान में उड़ान भर रहे हैं। इन फाइटर विमानों को देख ईरान से लेकर इस्लामिक देशों में खलबली मच गई है। अमेरिका ने इन विमानों को इजरायल की रक्षा के लिए भेजा है।
अमेरिका ने इजराइल की मदद के लिए घातक लड़ाकू विमानों को पश्चिम एशिया के एक सैन्य अड्डे पर भेजा है। अमेरिका का कहना है कि ईरान और उसके सहयोगी हमास और हिजबुल्ला से खतरों को देखते हुए सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
उत्तरी अमेरिका वायु रक्षा कमान ने अलास्का के पास चीन और रूस के लड़ाकू विमानों को देखा। इनमें दो रूसी टियू-95 बियर बमवर्षक और दो चीनी एच-6 बमवर्षक शामिल थे। ये अलास्का के ऊपर वायु रक्षा पहचान क्षेत्र के भीतर उड़ान भर रहे थे।
रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग के बीच यूक्रेन बड़े प्लान पर काम कर रहा है। यूक्रेन अपने दोस्तों से मिलने वाले एफ-16 लड़ाकू विमानों में से कुछ को विदेशी एयरबेस पर रख सकता है।
फ्रांस यूक्रेन की मदद करने के मकसद से बड़ा कदम उठाने जा रहा है। फ्रांस रूस के खिलाफ जंग में यूक्रेन को मिराज लड़ाकू विमान मुहैया कराएगा।
उत्तर कोरिया की तरफ से जब से दक्षिण कोरिया में कचरे भरे गुब्बारे गिराए गए हैं तब से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप पर लंबी दूरी के बी-1बी बमवर्षक विमान उड़ाए हैं।
इजरायल की सेना ने हमास के एक और डिप्टी कमांडर को हवाई हमले में मार गिराया है। मारे गए हमास आतंकी का नाम मुहम्मद कटमश है, जो आग और तोपखाना प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता था। इजरायली एयरफोर्स ने उसे एक हवाई हमले में ढेर कर दिया है।
ताइवान ने अपने रक्षा क्षेत्र में चीन के 20 सैन्य विमानों के घुसने का आरोप लगाया है। ये चीनी फाइटर जेट और ड्रोन पिछले 24 घंटे से ताइवान के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे हैं। ताइवान ने इसका कड़ा विरोध जाहिर किया है। मगर चीन की ओर से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन की संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों के तहत बीजिंग यात्रा के बीच चीन ने ताइवान के हवाई और जल क्षेत्र में लड़ाकू विमान एवं युद्धपोत भेजे हैं।
डिफेंस सेक्टर में भारत लगातार आत्मनिर्भरता हासिल करता जा रहा है। अब भारत की निर्भरता रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर से खत्म हो रही है। भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और अमेरिकी जीई एयरोस्पेस में करार हुआ है। अब युद्धक विमानों के इंजन भारत में ही बनेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ये कोई छोटी गलती नहीं है। अपने ही इलाके में बम कैसे छोड़ा जा सकता है, इस मामले की जांच की जा रही है।
ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन की हालिया अमेरिका यात्रा से भड़के चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य की तरफ युद्धपोत और दर्जनों लड़ाकू विमान भेजे। इससे अफरातफरी मच गई। ऐसा पहली बार नहीं है, जब चीन ने ताइवान की ओर अपने लड़ाकू विमान भेजा हो। इसस पहले भी चीन ताइवान पर मानसिक दबाव बनाने के मकसद से ऐसा कर चुका है।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि एस्टोनिया में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के साथ कम्यूनिकेशन नहीं कर पाने के चलते रूसी विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए नाटो के दो विमानों को भेजा गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इजरायल-ईरान युद्ध भी शुरू हो चुका है और अब अब ताइवान-चीन युद्ध की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। अभी दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने चीन द्वारा ताइवान पर हमले की आशंका जताई थी। किशिदा का यह अंदेशा 48 घंटे के अंदर ही सच होता दिख रहा है।
यूक्रेन युद्ध मामले में जर्मनी बार-बार अपना स्टैंड बदल रहा है। कभी वह पूरी तरह यूक्रेन के साथ खड़ा दिखता है तो कभी मदद से अपने हाथ पीछे खींच लेता है। यूक्रेन को लैपर्ड-2 टैंक देने का वादा करने के बाद भी जर्मनी काफी दिनों तक कभी हां तो कभी न करता रहा।
मध्य प्रदेश के मुरैना में अभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआइ फाइटर जेट की गणना भारत के सबसे ताकतवर विमानों में होती है। पाकिस्तान के बालाकोट में की गई सर्जिकल स्ट्राइक भी मिराज-2000 लड़ाकू विमान के जरिये ही की गई थी।
फ्रांस की रक्षा समिति के अध्यक्ष थॉमस गैसिलौड ने कहा कि फ्रांस लड़ाकू विमानों की यूक्रेन की मांग को पूरा कर सकता है। वहीं कीव के रक्षा मंत्री के सलाहकार ने कहाकि 'परमाणु हथियारों के अलावा ऐसा कुछ नहीं बचा है जो हमें नहीं मिलेगा'।
Russia-Ukraine War Update: यूक्रेन के साथ करीब सात महीनों से चल रहे भीषण युद्ध में रूस को भयानतक तबाही का सामना करना पड़ा है। यूक्रेन का दावा है कि उसने अब तक रूस के 62 हजार से अधिक सैनिकों को मौत की नींद सुला दिया है। वहीं हजारों रूसी जंगी वाहन खाक कर दिए गए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन जब जापान में मौजूद थे, जब चीन और रूस के लड़ाकू विमानों ने संयुक्त रूस से उड़ान भरी थी।
ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में इतने विमानों की आवाजाही के बाद अमेरिका भड़क गया है और उसने चीन को चेतावनी दे दी है। अमेरिका ने इस मामले पर चीन से उसकी उकसाने वाली सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए कहा है।
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