Bank Locker: अगर आपके पास 10 लाख रुपये का गहना है तो आपको सालाना 10,000 रुपये का प्रीमियम देना होगा।
यदि आपने सोने की खरीदारी की है या फिर करने की प्लानिंग है तो आयकर कानून की धाराओं पर जरूर नजर डाल लें।
हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी पर तीन निशान होंगे, जिसमें बीआईएस मार्क, शुद्धता कैरेट में और गोल्ड के लिए फाइननेस (उदाहरण 22के916, 18के750, 14के585) और छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक एचयूआईडी कोड होगा।
1 जुलाई, 2021 से 20 अगस्त तक हॉलमार्क के लिए प्राप्त एवं हॉलमार्क अंकित किए गए आभूषणों की संख्या क्रमशः एक करोड़ सत्रह लाख और एक करोड़ दो लाख हो गयी है।
ऐसा अनुमान है कि भारत में हर साल 10.12 करोड़ गोल्ड ज्वेलरी पीस बनाए जाते हैं। इसके अलावा 6-7 करोड़ पीस का मौजूदा स्टॉक भी हॉलमार्किंग के लिए बचा है।
स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्किंग कीमती धातु की शुद्धता का प्रमाणन है। यह अब तक स्वैच्छिक था। पहले चरण के क्रियान्वयन के लिए 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 256 जिलों की पहचान की है।
हस्तशिल्प वाले स्वर्ण आभूषणों में एक नई रुचि पैदा हुई है, लेकिन हमें समकालीन महिलाओं की सौंदर्य संबंधी संवेदनाओं से मेल रखने के लिए रचनात्मक समाधान ढूंढने की आवश्यकता है।
अगले साल एक जून से ज्वैलर्स को केवल 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषण बेचने की अनुमति होगी
सरकार की योजना, देश के प्रत्येक जिले में हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित करने की है।
हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की अधिसूचना जारी होने के बाद सभी ज्वैलर्स को बीआईएस के साथ पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा और इसके लिए उन्हें एक साल का समय दिया जाएगा।
उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि सरकार स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों के लिये हॉलमार्क (गुणवत्ता की मुहर) की व्यवस्था 15 जनवरी 2021 से अनिवार्य करेगी।
हर बार की तरह इस बार भी धनतेरस से पहले सर्राफा बाजार सज चुका है और ग्राहकों का इंतजार किया जा रहा है।
आम बजट 2019-20 में महंगी धातुओं पर आयात शुल्क में 2.5 फीसदी की वृद्धि की घोषणा के बाद सोने के दाम में जबरदस्त तेजी आई है।
रुपए की मजबूती तथा स्थानीय स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट की वजह से पहली तिमाही में सोने की मांग बढ़कर 159 टन पर पहुंच गई।
इन लोगों ने नोटबंदी का जोरदार तरीके से फायदा उठाते हुए बिना हिसाब-किताब वाली भारी भरकम राशि को अवैध ढंग से अपने खातों में जमा कराया।
सरकार देश में बेचे जा रहे स्वर्ण आभूषणों के लिए शीघ्र ही हॉलमार्क को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
अक्षय तृतीया पर हीरे के आभूषणों की तुलना में सोने के आभूषणें विशेषकर चलन वाले आभूषणों की मांग अधिक रहेगी। अधिक कीमत वाले आभूषणों की मांग में कमी देखने को मिल रही है
तनिष्क की स्कीम के तहत पुरानी ज्वैलरी को नई ज्वैलरी से एक्सचेंज कराने पर पुरानी ज्वैलरी के लिए सोने की पूरी कीमत दी जाएगी। 10 ग्राम सोने पर 3000 से ज्यादा का फायदा होगा
WGC की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में GST लागू होने की वजह से सितंबर तिमाही के दौरान ज्वैलरी के लिए सोने की मांग में 25 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली है।
सरकार देश में बिकने वाली सभी तरह की गोल्ड ज्वैलरी के लिए अगले साल से हॉलमार्क सर्टिफिकेशन को अनिवार्य बनाने की योजना पर विचार कर रही है।
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