किसी बैंक में एफडीआई बढ़ाने का मतलब है विदेशी निवेश को बढ़ावा देना ताकि बैंक मजबूत हों, लेकिन साथ ही सरकारी नियंत्रण संतुलित बना रहे।
सरकारी बैंकों में आज नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सुचारू रूप से जारी रहेंगी।
भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 20,160 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि डीएफएस कंपनियों को उनके अच्छी तरह बढ़ जाने के बाद लिस्ट करना चाहेगा।
अगर आपका सिबिल स्कोर बेहतरीन है तो आप सबसे सस्ती दरों यानी शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन ले सकते हैं । सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच आंका जाता है। अगर आपका सिबिल स्कोर 800 या इससे ज्यादा है तो आपको शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन आसानी ले मिल सकता है। आखिरी फैसला बैंक का होता है।
वित्त मंत्री सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से उत्पादक क्षेत्रों को अपना लोन बढ़ाने का आग्रह कर सकती हैं ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। सरकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जा सकती है।
12 सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष के नौ महीनों में 1,29,426 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ हासिल किया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने आईडीबीआई बैंक में 51% सरकारी इक्विटी बनाए रखने की मांग की है। साथ ही कहा है कि हम डीएफएस द्वारा पीएसबी के नीतिगत मामलों पर सूक्ष्म प्रबंधन का विरोध करते हैं।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 12 सरकारी बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किए जाने के बाद यह पहली मीटिंग होगी।
सरकारी बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्शाता है।
पोर्टल में मौजूद लिस्टिंग में आवासीय संपत्तियां जैसे फ्लैट, स्वतंत्र घर और खुले भूखंड, साथ ही वाणिज्यिक संपत्तियां, औद्योगिक भूमि और भवन, दुकानें, वाहन, संयंत्र और मशीनरी, कृषि और गैर-कृषि भूमि शामिल हैं।
सरकारी बैंकों के ग्रॉस एनपीए रेशो में जबरदस्त सुधार देखा गया है, जो मार्च 2018 में 14.58 प्रतिशत के उच्च स्तर से सुधार करते हुए सितंबर 2024 में 3.12 प्रतिशत पर आ गया। एनपीए में आई ये कमी बैंकिंग सिस्टम में तनाव को दूर करने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों की सफलता को दर्शाती है।
केनरा बैंक के रिजल्ट से निवेशक काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं और जमकर शेयर खरीद रहे हैं। आज दोपहर 02.20 बजे तक केनरा बैंक के शेयर 3.00 रुपये (2.98%) की बढ़ोतरी के साथ 103.65 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पहले बैंकों को अपने टीडी (टेक्निकल डिक्लाइन) को 1% से कम करने की सलाह दी थी। बीते मई में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का टीडी 2.06% था, जबकि बंधन का 1.6% और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 1.57% था।
वित्त मंत्रालय बैठक में पीएम विश्वकर्मा, स्टैंडअप इंडिया, पीएम स्वनिधि और दूसरी कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगा। पीएमजेडीवाई के तहत निष्क्रिय खातों और रुपे कार्ड जारी करने की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ऐसे सरकारी बैंक रहे जिन्होंने सालाना 10,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का मुनाफा कमाया। हां, सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों में से एकमात्र पंजाब एंड सिंध बैंक के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई।
वीआरएस के जरिये कर्मचारियों को जबरन बाहर करने का मकसद नहीं है, बल्कि इसके जरिये उन कर्मचारियों को इसका फायदा होगा जो पहले सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं।
वित्त राज्य मंत्री के मुताबिक मार्च 2018 से लेकर सितंबर 2020 तक रिकॉर्ड 2.54 लाख करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। वहीं 12 सरकारी बैंकों में से 11 बैंकों ने 2020-21 की पहली छमाही में प्रॉफिट दर्ज किया है।
15 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि 1 नवंबर, 2017 से लागू की जाएगी।
हाल ही में कुछ खबरें आई थीं कि जिसमें कहा गया था कि कुछ सरकारी बैंकों ने ग्राहकों के लिए सेवा शुल्क में तेज बढ़ोतरी की है। सरकार ने आज इन खबरों पर स्पष्टीकरण देते हुए खातों की स्थिति सामने रखी है।
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