उत्तरकाशी टनल में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं अब उनका तनाव दूर करने के लिए बोर्ड गेम और ताश भेजे जाने की योजना बनाई जा रही है।
सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों के लिए पिछले 48 घंटे से हालात लगातार बदल रहे हैं लेकिन उम्मीद की किरण इसलिए भी जगमग है क्योंकि सुंरग के अंदर फंसे मजदूर सही सलामत हैं, उनसे बात हो रही है। गुरुवार को उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मजदूरों का हौसला बढ़ा रहे गब्बर सिंह से बात की और भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ ह
उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन आज भी जारी रहा। शाम में ड्रिलिंग मशीन में खराबी आ गई जिसके चलते अब कल श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी।
उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं। जानकारी के मुताबिक, अब केवल कुछ ही मीटर की ड्रिलिंग बची है जिसके बाद मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा।
इजरायली सेना को अल-शिफा अस्पताल के नीचे एक और बड़ी सुरंग मिली है। हमास आतंकियों ने यहां काफी हथियार भी छुपा रखे हैं। सुरंग की ड्रोन फूटेज को शेयर करते हुए इजरायली सेना ने कहा है कि वीडियो देखकर यह निर्विवाद रूप से सिद्ध होता है कि हमास आतंकी अस्पतालों को लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
सबको उम्मीद है कि आज 41 मजदूर अपने परिजनों को देख पाएंगे। सुरंग के बाहर ही बैठे परिवार वालों की भावनाओं को भी उत्तरकाशी की सर्दी डिगा नहीं पा रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर सब ठीक रहा तो आज मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग हादसे के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय अब अलर्ट मोड में आ गया है। अब एनएचएआई की तरफ से देश के सभी निर्माणाधीन सुरंगों की ऑडिट की जाएगी।
उत्तराखंड के सिल्कयारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए राहत और बचाव का काम तेज कर दिया है। अगले कुछ घंटों में अहम खबर मिलने की उम्मीद है।
उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकालने का काम तेजी से चल रहा है। अगले दो दिनों में मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्हें खाना-दवाएं भेजी गई हैं। जानिए अबतक का अपडेट-
स्थानीय लोगों का मानना है कि बौख नाग देवता का प्रकोप ही है जिसकी वजह से पहले तो सुरंग में 41 मजदूर फंस गए और अब उन्हें निकालने में तमाम तरह की दिक्कतें पेश आ रही हैं।
इस वक्त सबसे बड़े राहत की बात ये है कि सुरंग में फंसे सभी के सभी मजदूर सही-सलामत हैं। सबकी गिनती हो गई है और सबसे बातचीत भी हो रही है। मजदूरों के साथ साथ उनका परिवार वालों का भी हौसला बढ़ गया है, जिंदगी की नई उम्मीद जागी है।
उत्तरकाशी में सिलक्यारा-बारकोट के बीच बन रही सुरंग में हुए हादसे को हुए 10 दिन हो गए हैं। अंदर फंसे मजदूरों को निकालने का अभियान अभी तक जारी है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे मजदूरों को सोमवार को पहली बार खाना भेजा गया। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए दी।
उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के हर संभव प्रयास जारी हैं। इस बीच पुजारी रावत सतीश हेमवाल गंगाजल लेकर पहुंचे हैं जो वह बोख नाग देवता पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाने वाले हैं और सुरंग में फंसे मजदूरों की सलामती के लिए प्रार्थना करेंगे।
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में सुरग धंसने के मामले में पीएमओ ने सभी एजेंसियों से इस हादसे की रिपोर्ट मांगी है। वहीं पीएम मोदी ने खुद सीएम धामी को फोन कर हादसे की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने टनल में फंसे मजदूरों को दिए जा रहे राहत कार्यों की भी जानकारी ली।
उत्तराखंड सुरंग हादसे को लेकर आज सातवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। उत्तरकाशी में हाईवे के लिए बन रही सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को निकालने की कोशिश जारी है।
उत्तरकाशी की सुरंग में 41 मजदूर अबतक फंसे हुए हैं और उन्हें किसी तरह से बचाने की जुगत लगाई जा रही है। हालांकि किसी भी तरह से इसमें फिलहाल सफलता नहीं मिली है। टनल में फंसे एक मजदूर ने अपने भाई से ऐसी बात कही जिसे सुनकर रो पड़ेंगे आप भी।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल में फंसे 40 मजदूरों को निकालने का काम आज सातवें दिन भी जारी है जहां ड्रिलिंग में चट्टान परेशानी बन रही है। इस बीच टनल के अंदर 2 मजदूरों की तबीयत खराब हो गई है जिसके बाद से टेंशन और ज्यादा बढ़ रही है।
उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में पिछले 5 दिन से भी ज्यादा समय से फंसे मजदूरों के जल्द रेस्क्यू की उम्मीदें बढ़ गई हैं क्योंकि नई ऑगर मशीन ने शुक्रवार सुबह तक 21 मीटर मलबा भेद दिया था।
सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढहने से उसमें फंसे मजदूरों को निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है, हालांकि एक ताजा भूस्खलन की वजह से इसमें थोड़ी अड़चन जरूर आई है।
संपादक की पसंद