आपके फोन में इस आधार ऐप के फुल वर्जन के जरिए आपकी डिजिटल पहचान हमेशा आपके साथ रहेगी और साथ ही कई सुविधाएं-सहूलियत भी मिलने वाली हैं।
आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए अब न तो OTP दर्ज करना होगा और न ही कैप्चा का इस्तेमाल होगा। आप वॉट्सऐप के जरिए सिर्फ एक Hi लिखकर अपने आधार कार्ड का PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
आधार लॉक फीचर यूजर्स को उनके आधार नंबर से जुड़े बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को रोकने या डिसेबल करने देता है।
यहां दी गई स्टेप-बाई-स्टेप गाइड के साथ जानें कि 2026 में आप अपने आधार कार्ड में अपना पता ऑनलाइन कैसे अपडेट कर सकते हैं।
UIDAI ने नेशनल डेटा हैकाथन की घोषणा की है। इसमें भाग लेकर 2 लाख रुपये तक का कैश प्राइज जीता जा सकता है। आधार जारी करने वाली सरकारी एजेंसी इसके लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू करने वाली है।
UIDAI ने आधार कार्ड को सुरक्षित रखने का तरीका बताया है। सरकारी एजेंसी ने आधार कार्ड धारकों से तुरंत ये 5 काम करने के लिए कहा है। ये तरीके आपको आधार कार्ड के जरिए होने वाले फ्रॉड से बचा सकते हैं।
भुवनेश कुमार ने बताया कि रजिस्टर्ड संस्थाओं को नई टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे क्यूआर कोड स्कैन करके या आधार के नए ऐप के माध्यम से वैरिफिकेशन कर सकेंगे।
ऑफलाइन वैरिफिकेशन करने वाली संस्थाओं को एपीआई उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके जरिए वे अपने सिस्टम को आधार वैरिफिकेशन के लिए अपडेट कर सकेंगी।
अब आपको अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आधार सेंटर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। UIDAI ने इस बात की जानकारी दी है। जल्द ही आपको यह सुविधा नए आधार ऐप में मिलने वाली है।
UIDAI का कहना है कि किसी मृत व्यक्ति का आधार सक्रिय रहने पर पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या सरकारी लाभों की अवैध प्राप्ति जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
नए ऐप का उद्देश्य आधार होल्डरों के लिए ऑफलाइन डिजिटल वैरिफिकेशन को प्रोत्साहित करना और आधार कार्ड की फोटोकॉपी के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।
भुवनेश कुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखते हुए आधार का इस्तेमाल करके उम्र सत्यापन प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।
UIDAI जो आधार के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरा प्रमाणीकरण की सुविधा दे रही है, उसने बताया है कि कैसे घर बैठे-बैठे रिटायर्ड पेंशनर्स केवल दो ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं।
पश्चिम बंगाल से एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। राज्य में 34 लाख आधार कार्ड धारक ‘मृत’ पाए गए हैं। UIDAI ने भारत निर्वाचन आयोग को इस बात की जानकारी दी है।
सरकार ने नया e-Aadhaar ऐप लॉन्च किया है, जो mAadhaar ऐप के अपग्रेड के तौर पर पेश किया गया है। UIDAI ने इस ऐप को पेपरलेस वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं के लिए पेश किया है। आइए, जानते हैं नए e-Aadhaar और mAadhaar ऐप में क्या अंतर है?
बच्चों के लिए आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की सभी फीस माफ करने के साथ ही, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) MBU को अपनाने को प्रोत्साहन देने के लिए व्यवहारिक अंतर्दृष्टि का भी इस्तेमाल करेगा।
UIDAI ने आधार सेवाओं के लिए नई फीस का ब्योरा जारी कर दिया है। डेमोग्राफिक डिटेल्स में बदलाव के लिए 75 रुपये की फीस लगेगी, जबकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये की फीस लगेगी।
आधार कार्ड को और भी ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी की है। UIDAI ने इसके लिए Aadhaar Vision 2032 की घोषणा की है। इसमें AI, ब्लॉकचेन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का लक्ष्य रखा गया है।
यह नई प्रणाली उपकरणों के ईकोसिस्टम को पूरी तरह बदल देगी। वर्तमान में, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए विशिष्ट उपकरणों की जरूरत होती है। लेकिन, फेस ऑथेन्टिकेशन के साथ, यह सीमा खत्म हो जाएगी।
e-Aadhaar ऐप पर कई तरह के काम हो रहे हैं और इसे लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।
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