Aadhaar Card Lock: आजकल आधार कार्ड का यूज बैंकिंग, मोबाइल कनेक्शन और सरकारी सेवाओं से जुड़े कामो में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। ऐसे में डेटा का गलत इस्तेमाल एक आम परेशानी बन गई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने एक लॉक और अनलॉक सुविधा आधार यूजर्स को दी है। यह सुविधा आधार यूजर्स को आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से लॉक करने की फैसिलिटी देती है।
आधार लॉक फीचर
एक बार लॉक हो जाने पर, उंगलियों के निशान और पुतली स्कैन वैरिफिकेशन के लिए उपलब्ध नहीं रहते हैं। मतलब है कि कोई भी शख्स आपके आधार कार्ड का बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन या ऑथेंटिकेशन नहीं कर सकता, भले ही उसके पास आपके आधार कार्ड का नंबर हो। यह खासतौर से तब उपयोगी होता है जब आपके आधार कार्ड की जानकारी कई जगह शेयर की गई हो या अगर आप अपने आधार कार्ड के किसी भी गलत इस्तेमाल को रोकना चाहते हों।
आधार लॉक से धोखाधड़ी का खतरा भी कम
आधार कार्ड की बायोमेट्रिक्स लॉक होने पर, बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट या आइरिस) ऑथेंटिकेशन पर निर्भर सर्विसेज अनलॉक होने तक अनुपलब्ध हो जाती हैं। इनमें ईकेवाईसी, सिम का वैरिफिकेशन और कुछ बैंकिंग सर्विसेज शामिल हैं। इससे पहचान के दुरुपयोग से होने वाली धोखाधड़ी का खतरा भी कम हो जाता है और बायोमेट्रिक डेटा के गलत यूज को रोका जा सकता है। एक खास बात यह है कि आधार लॉक करने से आपका आधार नंबर कैंसिल नहीं होता है और पैन लिंकिंग या डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन जैसी गैर-बायोमेट्रिक सर्विसेज भी बंद नहीं होती हैं।
UIDAI वेबसाइट से बायोमेट्रिक लॉक करने का तरीका जानें-
UIDAI की वेबसाइट resident.uidai.gov.in/aadhaar-lockunlock पर जाएं।
इसके बाद UID Lock रेडियो बटन चुनें।
इसके बाद अपना 12 अंकों का आधार नंबर, पूरा नाम और पिन कोड डालें।
'Send OTP' पर क्लिक करें, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें और सबमिट करें।
इस तरह से आधार के बायोमेट्रिक्स को UIDAI के सेल्फ-सर्विस पोर्टल के जरिए लॉक किया जा सकता है। एक बार वैरिफाई हो जाने पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन तुरंत डिसेबल हो जाता है और इस प्रोसेस के लिए कोई चार्ज नहीं है।
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