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ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले देशों पर 10 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से खफा हुए UK और फ्रांस, ट्रंप पर निकाली भड़ास

 Published : Jan 18, 2026 04:06 pm IST,  Updated : Jan 18, 2026 04:09 pm IST

ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ब्रिटेन, डेनमार्क, फ्रांस, नीदरलैंड जैसे देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को देशों ने गलत ठहराया है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे अस्वीकार्य बताया है।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर(बाएं) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (दाएं)- India TV Hindi
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर(बाएं) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (दाएं) Image Source : AP

लंदन: ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले देशों पर 10 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने से ब्रिटेन भड़क उठा है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे के विरोध में यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले इस अतिरिक्त टैरिफ को “पूरी तरह गलत” ठहराया है। कीर स्टार्मर ने शनिवार रात अन्य यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर ट्रंप के इस प्रस्तावित कदम का विरोध किया, जो उन्होंने अपनी ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया था। 

1 फरवरी से लागू होगा इन देशों के खिलाफ टैरिफ

ट्रंप ने 1 फरवरी से यूके, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यह टैरिफ ग्रीनलैंड पर समझौता होने तक बढ़कर 25 प्रतिशत तक हो सकता है। इस पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट, लंदन द्वारा जारी बयान में स्टार्मर ने कहा, “ग्रीनलैंड पर हमारा रुख बहुत स्पष्ट है  कि यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है, और इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के लोगों का मामला है। हमने यह भी स्पष्ट किया है कि आर्कटिक सुरक्षा पूरे नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) के लिए महत्वपूर्ण है और सहयोगियों को रूस से आने वाले खतरे का मुकाबला करने के लिए आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में मिलकर अधिक प्रयास करने चाहिए। कीर स्टार्मर ने कहा, “नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा के लिए टैरिफ लगाना पूरी तरह गलत है। हम निश्चित रूप से इस मुद्दे को अमेरिकी प्रशासन के साथ सीधे उठाएंगे। 

ट्रंप की धमकी अस्वीकार्य-फ्रांस

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को “अस्वीकार्य” बताया, जबकि ग्रीनलैंड और डेनमार्क में हजारों लोग जबरन अमेरिकी कब्जे के विरोध में सड़कों पर उतर आए। मैक्रों ने कहा, “हम किसी भी धमकी से प्रभावित नहीं होंगे। स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने जोर दिया कि यूरोपीय सहयोगी “ब्लैकमेल” नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, “स्वीडन वर्तमान में अन्य यूरोपीय संघ (ईयू) देशों, नॉर्वे और यूनाइटेड किंगडम के साथ मिलकर एक संयुक्त जवाब तैयार करने के लिए गहन चर्चा कर रहा है। इस बीच यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि ये टैरिफ ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करेंगे और एक खतरनाक गिरावट की ओर ले जा सकते हैं।

अगले हफ्ते दावोस में ट्रंप से हो सकती है विश्वनेताओं की मुलाकात

अगले सप्ताह ट्रंप स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच (WEF) में वॉन डेर लेयेन और अन्य यूरोपीय नेताओं से मिलने वाले हैं, जहां ग्रीनलैंड मुद्दा एजेंडे पर हावी रहने की उम्मीद है। शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि “दुनिया की शांति दांव पर लगी है” इसलिए “डेनमार्क को ग्रीनलैंड वापस करना चाहिए”। यह पोस्ट पिछले सप्ताह यूके सहित यूरोपीय देशों द्वारा ग्रीनलैंड में नाटो प्रशिक्षण अभ्यास में भाग लेने के बाद आया। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन संबंधित देशों के साथ “तुरंत बातचीत के लिए तैयार” है और टैरिफ तभी समाप्त होंगे जब “ग्रीनलैंड की पूर्ण और पूर्ण खरीद के लिए समझौता हो जाएगा।

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