वाशिंगटन: चीन अपने देश के युवाओं और युवतियों को बिना कंडोम और बगैर गर्भनिरोधक गोलियों के यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। चीन बिल्कुल नहीं चाहता है कि उसके कपल्स संबंध बनाते समय कंडोम या गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करें। इन उत्पादों का उपयोग न्यूनतम करने के लिए चीन ने इसी माह से कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी-भरकम टैक्स भी लगा दिया है। ताकि महंगा होने की वजह से वैसे भी लोग इसका इस्तेमाल कम से कम करना चाहेंगे। इसकी वजह बेहद चौंकाने वाली है। दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला दूसरा देश भला ऐसा क्यों कर रहा है, आइये पूरा मामला जानते हैं।
चीन ने क्यों लगाया कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर टैक्स
द कन्वर्सेशन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला दूसरा देश चीन अब उन एशियाई देशों में शामिल हो गया है जो बहुत कम प्रजनन दर से जूझ रहे हैं। चीन अपने देश की प्रजनन दर को 1.0 बच्चे प्रति महिला से दोगुना करने के प्रयास में है। लिहाजा बीजिंग एक नए उपकरण की ओर बढ़ रहा है। इसमें कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां और अन्य गर्भनिरोधकों उपायों पर हैवी टैक्स शामिल है। चीन में इन उत्पादों पर 1 जनवरी से ही 13 प्रतिशत वैट (मूल्य वर्धित कर) लागू कर दिया गया है। इसके विपरीत, चाइल्ड केयर और मैट्रिमोनियल सेवाओं जैसी सेवाएं ड्यूटी-फ्री बनी हुई हैं।
जनसंख्या बढ़ाने वाले कपल्स को विशेष सुविधाएं
चीन ने पिछले साल चीन राष्ट्रीय चाइल्ड केयर कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन (12.7 अरब अमेरिकी डॉलर) आवंटित करने के बाद यह कदम उठाया है। इसके तहत तीन साल या उससे कम उम्र के हर बच्चे के लिए परिवारों को एक बार में लगभग 3,600 युआन (500 अमेरिकी डॉलर से अधिक) का भुगतान दिया जाता है। चीन में कई मायनों में, गर्भनिरोधकों पर 13 प्रतिशत टैक्स प्रतीकात्मक है।
चीन में टैक्स के बाद क्या है 1 पैकेट कंडोम की कीमत
चीन में जनवरी से लागू हुए टैक्स के बाद एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन यानि 7 अमेरिकी डॉलर या 630 भारतीय रुपये के करीब है। वहीं एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों की औसत कीमत लगभग 130 युआन या 19 अमेरिकी डॉलर यानि 1150 रुपये के आसपास है।
चीन में क्यों घट रही जन्मदर
कुछ दशकों तक चीन की एक-बच्चा नीति ने प्रजनन दर को कम करने पर जोर दिया। यह सफल रही, 1960 के शुरुआती दशक में 7.0 से अधिक से 2015 में 1.5 तक पहुंच गई। तब सरकार ने फिर हस्तक्षेप किया, एक-बच्चा नीति को छोड़कर सभी जोड़ों को दो बच्चे की अनुमति दी। मई 2021 में दो-बच्चा नीति को छोड़कर तीन-बच्चा नीति अपनाई गई। उम्मीद थी कि इन बदलावों से बेबी बूम आएगा और राष्ट्रीय प्रजनन दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हालांकि, प्रजनन दर घटती रही। 2021 में 1.2 और 2024 में 1.0 तक। जबकि चीन की ऐतिहासिक कार्यक्रमों ने प्रजनन दर कम करने में सफलता पाई, उन्हें व्यापक सामाजिक बदलावों का सहारा मिला।
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