साल 1988 में इन दोनों जोड़ीदारों ने तब 664 रन की वह ऐतिहासिक पारी खेलकर अपने-अपने तिहरे शतक बनाए थे।
हम बात कर रहे है 80 और 90 के दशक के भारतीय क्रिकेटरों की जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसी ग्लैमर और चकाचौंध से भरे टूर्नामेंट का कभी हिस्सा नही बन पाये।
वसीम जाफर ने मुंबई की सर्वकालिक एकादश टीम का चयन किया है, जिसमें उन्होंने सुनील गावस्कर को टीम का कप्तान चुना है।
सचिन ने कांबली को एक चुनौती देते हुए एक हफ्ते का वक्त दिया कि आप यह गाना रैप में गाकर दिखाइए। यह सुनकर कांबली ने कहा कि यह तो बड़ा मुश्किल चैंलेज है।
कांबली ने मियादांद को करार जवाब देते हुए आगे ट्वीटर पर लिखा, "मियांदाद आपकी उंगली करने की आदत गई नहीं। अभी रिटायरमेंट के बाद भी चालू है।"
पूर्व क्रिकेटर विनोद काम्बली ने रणजी ट्रॉफी के तीसरे राउंड में मुम्बई को रेलवे के हाथों मिली 10 विकेट से करारी हार के बाद चयन प्रकिया पर उठाए हैं।
सचिन ने विनोद के साथ अपने बचपन का एक फोटो टि्वटर पर पोस्ट किया, तो कांबली ने उसे रीशेयर करने में देर नहीं लगाई।
हाल ही में वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ था और इसके बाद गांगुली ने कहा था कि तीनों प्रारुप के लिए एक ही तरह की टीम चुनी जानी चाहिए।
गांगुली ने चयनकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों को तीनो फॉर्मेट में खिलाया जाए, जिससे उनका आत्मविश्वास और फॉर्म बना रहे।
सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था और अब वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस की टीम से जुड़े हैं।
सचिन ने हाल ही में अपने बचपन के दोस्त विनोद कांबली के साथ नेट्स में प्रैक्टिस की थी। इस प्रैक्टिस के दौरान जब सचिन गेंदबाजी कर रहे थे तो उनका पैर लाइन के काफी बाहर जा रहा था।
अभी हाल ही में सचिन तेंदुलकर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे कांबली को नेट पर बॉलिंग करा रहे हैं।
इस कैंप को काउंटी साइड मिडलसेक्स के सहयोग से खोला जा रहा है और इसे तेंदुलकर-मिडलसेक्स ग्लोबल अकेडमी के नाम से जाना जाएगा।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की पत्नी ने गोरेगांव के एक मॉल में आदमी के साथ मारपीट की
इस वक्त देश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) चल रही है. बल्लेबाज़ो और गेंदबाज़ों के बीच धमासान मचा हुआ है. इस बीच पूर्व भारतीय खिलाड़ी विनोद कांबली ने एक खिलाड़ी को चुनौती दी है और कहा है कि अगर उनमें दम है तो इस फॉरमेट में शतक लगाकर दिखाएं.
भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली ने आज यहां कहा कि उन्होंने कोच बनने का फैसला दोस्त और टीम के साथी रहे सचिन तेंदुलकर की सलाह पर किया.
एक अंग्रेज़ी दैनिक के साथ बातचीत में विनोद ने एक बहुत ही दिलचस्प क़िस्सा सुनाया. ये बात है 1991 विल्स ट्रॉफ़ी फ़ाइनल की जो शरजाह में था. फ़ाइनल का मुक़ाबला भारत और पाकिस्तान के बीच था.
कांबली ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों ने सभी मामले सुलझा लिए हैं और अब दोनों फिर से दोस्त हैं।
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