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सीएम योगी ने अयोध्या में पूजा-अर्चना की, कहा- 'ये दीप 500 साल के अंधकार पर विजय का प्रतीक'

Reported By : Ruchi Kumar Edited By : Shakti Singh Published : Oct 19, 2025 04:38 pm IST, Updated : Oct 19, 2025 05:07 pm IST

दीपोत्सव 2025 को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर दीप हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता है।

Yogi Adityanath- India TV Hindi
Image Source : X/YOGIADITYANATH योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की। दीपोत्सव 2025 के दौरान अयोध्या नगरी को इस साल भी भव्य तरीके से सजाया गया। सीएम योगी ने राम और सीता बने कलाकारों की पूजा भी की। पूजा करने के बाद सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब पहला दीपोत्सव करने का निर्णय लिया था, तब यहां पर्याप्त मात्रा में दिए नही मिले थे। अयोध्या में कुम्हार 51 हजार दीप दे पाए थे। पूरे यूपी से दिए जमा किए गए थे। यूपी में 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद से अयोध्या में 2017 से दीपोत्सव का कार्यक्रम हो रहा है। हर साल यहां प्रदेश के सभी बड़े नेता पहुंचते हैं। हालांकि, इस बार राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नहीं पहुंचे हैं।

सीएम योगी ने दीपोत्सव 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि ये दीप 500 साल के अंधकार पर विजय का प्रतीक भी हैं। पहले भगवान राम तंबू में विराजमान थे, अब भव्य मंदिर में विराजमान हैं। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने कहा, "हर दीप हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की नियति होती है विजयी होने की और विजयी होने की उस नियति के साथ सनातन धर्म लगातार 500 वर्षों तक लगातार संघर्ष करता रहा। उन संघर्षों की परिणति स्वरूप अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ।"

अयोध्या के हर कण में मर्यादा

सीएम योगी ने कहा, "अयोध्या सप्त पुरियों में प्रथम है, जहां धर्म स्वयं मानव रूप में अवतरित हुआ है। जहां हर कण में मर्यादा है और हर दीप में दया है, हर हृदय में भगवान श्री राम का वास है। 2017 में जब हम लोगों ने पहला दीपोत्सव अयोध्या धाम में करने का निर्णय लिया था। इसके पीछे का भाव एक ही था कि दुनिया को दीप प्रज्वलन कैसे होने चाहिए और किस उपलक्ष में होने चाहिए, इसके बारे में बताना। हजारों वर्ष पहले दुनिया जब अंधकार में जी रही थी तब अयोध्या ने अपने भगवान के, अपने आराध्य के और अपनी आस्था के आगमन में उनके अभिनंदन के लिए जो दीप प्रज्वलित किए थे। वहीं, दीपोत्सव और दीपावली के रूप में सनातन धर्म का महान पर्व बन गया था। उसी दीपोत्सव के कार्यक्रम को जब जीवंत बनाए रखने के लिए हम लोगों ने फिर से उस अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था, तो 2017 में हमें यहां पर दीप प्रज्वलित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में दीप प्राप्त नहीं हुए थे। इसके लिए हमने प्रदेश भर से दीप एकत्रित किए थे, तब जाकर 1 लाख 71 हजार दीप प्रज्वलित जल पाए थे। आज लाखों दीप अयोध्या धाम में प्रज्वलित होते हैं।"

दीप अंधकार पर विजय के प्रतीक

दीपोत्सव से पहले सीएम योगी ने कहा, "ये दीप केवल दीप नहीं हैं, यह दीप 500 वर्षों के अंधकार पर आस्था के विजय के प्रतीक भी हैं। 500 वर्षों में किस प्रकार के अपमान को झेलना पड़ा था और किस प्रकार के संघर्षों से हमारे पूर्वज जूझे थे, ये दीप उसी के प्रतीक स्वरूप हैं। तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम तंबू में विराजमान थे और अब जब दीपोत्सव का 9वां संस्करण हो रहा है, तब भगवान राम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हैं। जब हम यहां लाखों दीपों से अयोध्या धाम को जगमगा रहे हैं, तब हमें ये विस्मृत नहीं करना चाहिए कि इसी अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने न्यायालय में कहा था कि भगवान श्री राम तो एक मिथक हैं और समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर इसी अयोध्या में गोलियां चलाई थीं, उनके दोहरे चरित्र को हमें स्मरण रखना होगा कि कैसे भारत की सनातन आस्था को यह लोग अपमानित करते रहे हैं और किस-किस प्रकार के शब्दों का यह लोग इस्तेमाल करते रहे हैं।"

डिप्टी सीएम में नाराजगी की खबर

ये पहली बार है कि दीपोत्सव कार्यक्रम में गवर्नर और दोनों उप मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नाराज हैं। केशव प्रसाद मौर्य बिहार से आ गए थे, लेकिन उनका अयोध्या दौरा रद्द कर दिया गया। ब्रजेश पाठक ने भी अपना दौरा रद्द कर दिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों डिप्टी सीएम के दौरे रद्द होने की वजह विज्ञापन है। आज सभी न्यूज पेपर्स में दीपोत्सव का विज्ञापन दिया गया था। विज्ञापन में पीएम मोदी और सीएम योगी की फोटो है। इन दोनों के साथ में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का नाम है। सूत्रों के मुताबिक केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने इसे अपमान माना और दौरा रद्द कर दिया।

विज्ञापन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के नाम ना होने पर अखिलेश यादव ने x पर लिखा "जनता पूछ रही है कि यूपी भाजपा सरकार में उप मुख्य मंत्री के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं। विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे हैं, लेकिन डिप्टी सीएम साहब के लोगों के नहीं।" कहा जा रहा है कि ये विज्ञापन सूचना विभाग ने जारी किया। सूर्य प्रताप शाही अयोध्या के प्रभारी मंत्री हैं और जयवीर सिंह संस्कृति मंत्री हैं इसलिए उनके नाम दिए गए।

 

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