यूपी के गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज इलाके में पिछले अप्रैल महीने में डकैती की घटना के दौरान मारे गए एक व्यक्ति की बहन की शादी का जिम्मा पुलिस ने उठाया और गुरुवार को पूरे धूमधाम से विवाह सम्पन्न कराया। SP विनीत जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के धन्नीपुरवा गांव में पुलिस ने विशेष कार्य बल (STF) के सहयोग से शादी की जिम्मेदारी उठायी की और गुरुवार की रात घराती बनकर विवाह सम्पन्न कराया। STF चीफ ने शादी का पूरा खर्च उठाया। यूपी पुलिस और STF की इस सराहनीय पहल की लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
धन्नीपुरवा गांव की निवासी उदय कुमारी की शादी पिछली 5 मई को होनी थी लेकिन 24 अप्रैल की रात घर में चोरी करने घुसे बदमाशों ने उसके भाई शिवदीन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसकी वजह से शादी टालनी पड़ी थी। घटना में पासी गैंग का नाम सामने आया था। पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और छह बदमाशों में से चार को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। जायसवाल ने बताया कि इस मामले में दो इनामी अपराधियों सोनू पासी और गिरोह के सरगना ज्ञानचंद पासी पुलिस तथा एसटीएफ से मुठभेड़ में क्रमशः 20 मई को उमरी बेगमगंज में और 22 मई को बाराबंकी में मारे गये थे।
घटना के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही और एसपी विनीत जायसवाल की पत्नी तन्वी जायसवाल ने मृतक के घर पहुंचकर परिवार को न केवल ढांढस बंधाया, बल्कि बेटी उदय कुमारी की शादी का खर्च उठाने की घोषणा की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर पक्ष से बातचीत कर विवाह की नई तारीख 5 जून तय की गई थी।
गुरुवार को विवाह समारोह में गोंडा पुलिस और एसटीएफ घराती की भूमिका में दिखे। सुबह से ही पुलिस और एसटीएफ के अधिकारी धन्नी पुरवा गांव में मौजूद रहे। खानपान से लेकर सजावट तक हर जिम्मेदारी पुलिस ने निभाई। वधु के परिजन के मुताबिक एसपी अपनी पत्नी तन्वी के साथ विवाह समारोह में शामिल हुए और पुलिस की ओर से दुल्हन को एक लाख 51 हजार रुपए नकद, जेवर और गृहस्थी का पूरा सामान सौंपा। एसपी और उनकी पत्नी ने मुख्य द्वार पर बारातियों का स्वागत किया। एसपी ने कहा कि इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
पुलिस की ओर से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि हम केवल अपराधियों के विरुद्ध नहीं, बल्कि पीड़ित जनमानस के साथ भी मजबूती से खड़े हैं। जायसवाल ने कहा, ''जब कोई परिवार संकट में होता है तब उसकी रक्षा करना, उसे आश्वस्त करना और उसके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में सहायता करना भी हमारी ड्यूटी है।'' विवाह के बाद वधू के पिता ने कहा, ''घर में डकैती की घटना के बाद हमें लगा था कि बेटी की शादी अब नहीं हो पाएगी लेकिन पुलिस अधीक्षक और उनकी धर्मपत्नी ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई। पुलिसकर्मियों को देखकर लगता नहीं था कि वे ड्यूटी पर हैं। वे तो बिल्कुल हमारे अपने लगे।'' (भाषा इनपुट्स के साथ)
संपादक की पसंद