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योगी सरकार ने यूपी में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट किए बैन, इससे हुई कमाई से आतंकी संगठनों को फंडिंग करने का आरोप

 Published : Nov 18, 2023 09:44 pm IST,  Updated : Nov 18, 2023 09:46 pm IST

शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा है कि शाकाहारी उत्पादों जैसे तेल, साबुन, मंजन और शहद के लिए हलाल प्रमाण पत्र की कोई जरूरत नहीं है, लेकिऩ इन उत्पादों के लिए हलाल प्रमाण पत्र जारी कर समुदाय विशेष और इसके उत्पादों को निशाना बनाया जा रहा है।

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योगी सरकार ने यूपी में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट किए बैन Image Source : INDIA TV

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफाइड उत्पादों को लेकर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ा फैसला किया है। योगी सरकार ने ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही चार कंपनियों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है। आरोप है कि सर्टिफिकेशन से होने वाली कमाई से आतंकी संगठनों और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को फंडिंग की जा रही है। अब लखनऊ में इसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  

लखनऊ में दर्ज हुई थी शिकायत 

दरअसल लखनऊ के ऐशबाग में मोतीझील कॉलोनी के निवासी शैलेंद्र कुमार शर्मा की शिकायत पर शुक्रवार को हजरतगंज थाने में यह मामला दर्ज किया। यह मामला भारतीय दंड सहिंता की धाराओं 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र का अपराध), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्यता को बढ़ावा देने), 298 (धार्मिक भावनाएं आहत करने के इरादे से शब्द आदि कहना), 384 (फिरौती), 420 (धोखाधड़ी), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली जैसा उपयोग करना) और 505 (लोगों को बेवकूफ बनाने वाले बयान) के तहत दर्ज किया गया। 

चार कंपनियों पर दर्ज हुई FIR 

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलमा हिन्द हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत उलमा महाराष्ट्र मुम्बई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी के हवाले से कहा गया कि ये कंपनियां और संगठन न केवल वित्तीय लाभ के लिए बल्कि सामाजिक वैमनस्यता बढ़ाते हुए फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर रहे हैं और हलाल प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं। इस बीच, जमीयत उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट ने आरोपों को निराधार बताया। उसने एक बयान में कहा कि वह "इस तरह की गलत सूचना का मुकाबला करने के लिए आवश्यक कानूनी उपाय करेगा।'' 

वहीं जमीयत ने योगी सरकार के फैसले का किया विरोध 

जमीयत उलमा हिंद हलाल ट्रस्ट के नियाज अहमद फारुखी ने शनिवार को एक बयान में कहा, ''हमारी छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाए गए निराधार आरोपों के जवाब में, जमीयत उलेमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट ऐसी गलत सूचनाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाएगा। हलाल प्रमाणन से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना महत्वपूर्ण है।'' बयान में यह भी कहा गया ,‘‘जमीयत उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट में प्रमाणन प्रक्रिया भारत में निर्यात के उद्देश्यों और घरेलू वितरण दोनों के लिए निर्माताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप है। हलाल प्रमाणित उत्पादों की वैश्विक मांग मजबूत है और भारतीय कंपनियों के लिए ऐसा प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य है, यह तथ्य हमारे वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी निर्दिष्ट है।’’ 

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