इंदौर: इंदौर में करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेड ड्रामे के बाद आखिरकार अज्जू बाई को 400 KV के ट्रांसमिशन टावर से नीचे उतार लिया गया। अज्जू बाई ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखने की जिद को लेकर यह खौफनाक कदम उठाया। बाद परिजनों और पुलिस के समझाने के बाद वह टावर से नीचे उतरने को राजी हुई। वहीं इस घटना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। वहीं इस घटना ने सिस्टम और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया।
जानकारी के मुताबिक अज्जू बाई शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। लेकिन ससुराल वाले इसके लिए तैयार नहीं थे। पारिवारिक हालात के कारण उसकी पढ़ाई में बाधा आ रही थी। ऐसे में अपनी बात मनवाने के लिए उसने एक खौफनाक रास्ता चुना और देखते ही देखते 400 KV इंदौर-नागदा ट्रांसमिशन लाइन के विशालकाय टावर पर चढ़ गई।
यह खबर जैसे ही प्रशासन तक पहुंची अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामला बेहद संवेदनशील था। क्योंकि महिला 400 KV की क्षमता वाली एमपी ट्रांस्को के टावर पर चढी थी। अधिकारियों के मुताबिक अज्जू बाई महिला 'इंडक्शन जोन' के बेहद करीब पहुंच चुकी थी। यहां करंट लगने के लिए तारों को छूना जरूरी नहीं होता बल्कि एक निश्चित दूरी पर आते ही बिजली का भारी दबाव इंसान को अपनी ओर खींचकर पल भर में राख कर सकता है।
इस घटना की सूचना मिलते ही एमपी ट्रांस्को के सहायक अभियंता राजेंद्र कनोजे और खाविंद पाटिल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बिजली विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिजली सप्लाई की थी। क्योंकि इस लाइन को अचानक बंद करना संभव नहीं था, क्योंकि इससे पूरे शहर और ग्रिड की बिजली व्यवस्था ठप हो सकती थी।
इस घटना की खबर फैलते ही टावर के आसपास भारी भीड़ जमा होने लगी। प्रशासन ने वहां जुटी भीड़ को हटाया और अज्जू बाई के परिजनों को बुलाया और उन्हें विश्वास में लिया। फिर अज्जू बाई को मनाने का सिलसिला शुरू हुआ। काफी मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार अज्जू बाई का गुस्सा शांत हुआ और वह टावर से नीचे उतरी।
रिपोर्ट-भरत पाटिल, इंदौर
संपादक की पसंद