Interesting Facts : बच्चे की पहली रोने की आवाज हमेशा से ही खुशी और अच्छे स्वास्थ्य की गारंटी का प्रतीक रही है। ऐसे में नन्हे मेहमान पर प्यार लुटाना लगभग हर किसी को बेहद पसंद होता है। अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें कि, नवजात शिशु अद्भुत क्षमताओं के साथ जन्म लेते हैं जिनमें गंध पहचानना भी शामिल है। बच्चे पहले कुछ हफ्तों के लिए केवल काला-सफेद देखते हैं, बिना आंसू के रोते हैं, और एक साथ सांस लेते और निगलते हैं। आपने हॉस्पिटल में रोते हुए बच्चों पर कभी गौर किया है ? जन्म लेते समय बच्चे हमेशा रोते ही दिखते हैं मगर ऐसा क्यों है आखिर इसकी क्या वजह है और उस रोने को यानी फर्स्ट क्राई को क्या कहते हैं ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इयके बारे में बताएंगे।
जन्म लेते ही बच्चे रोते क्यों हैं ?
कई रिपोर्ट्स में इसका जवाब मिलता है। दावा किया जाता है कि जन्म लेते बच्चों का रोना उनके स्वस्थ होने या उनके जीवित होने का एक सिग्नल होता है। आमतौर पर माना जाता है कि, जन्म लेते ही बच्चों का रोना उनके फेफड़ों को खोलने, श्वसन यानी सांस लेने की प्रक्रिया आरंभ होने और गर्भ के गर्म वातावरण से अचानक बाहर के ठंडे वातावरण में आने की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है। बच्चों का रोना उनके फेफड़ों में जमे कफ (बलगम) को साफ करता है जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह भी शुरु हो पाता है।
जन्म लेते बच्चे के रोने को क्या कहते हैं
आमतौर पर लोगों को बच्चों के रोने की आवाज को WEEP या CRY कह दिया जाता है। हालांकि, ये उन बच्चों के लिए उपयुक्त है जो जन्म ले चुके हैं। मगर पैदा होते ही बच्चा जब पहली बार रोता है तो उसके रोने की आवाज के लिए कुछ और शब्द प्रयुक्त होता है।wordsmith.org के मुताबिक, जन्म लेते बच्चे के रोने को Vagitus कहा जाता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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