पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली के दौरान वंदे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसे लेकर राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बच्चों को स्कूली स्तर से ही देशभक्ति की शिक्षा दी जाएगी। वहीं, बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि हम बार-बार कहते आ रहे हैं कि बंगाल की हालत जम्मू-कश्मीर से भी बदतर है।
"घुसपैठियों को बसने देना बंगाल की संस्कृति नहीं"
उन्होंने आगे कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार और संस्कृति बदल चुकी है... हम कुछ भी नहीं भूले हैं। घुसपैठियों को बसने देना बंगाल की संस्कृति नहीं है। ममता बनर्जी ने हमारी संस्कृति को दूषित किया है, और हम इसे सुधार रहे हैं।" दिलीप घोष ने कहा, "सिर्फ हावड़ा स्टेशन ही नहीं, बल्कि बंगाल का हर स्टेशन बाजार बन चुका है। हर तरफ गंदगी फैली हुई है। महिलाओं, बच्चों या बड़ों के बैठने की बिल्कुल जगह नहीं है। रेलवे अपनी संपत्ति वापस लेकर उसका इस्तेमाल जनता को सेवाएं प्रदान करने के लिए करेगा। इसे हासिल करने के लिए, चाहे रेलवे हो या बंगाल पुलिस, सभी अपना पूरा सहयोग देंगे।"
बुलडोजर कार्रवाई पर बयान
दरअसल, शुभेंदु अधिकारी की सरकार आने के बाद पश्चिम बंगाल में बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य के प्रमुख रेलवे स्टेशनों- हावड़ा और सियालदह के आस-पास बुलडोजर कार्रवाई हुई है। इसे लेकर बीते दिन मंत्री दिलीप घोष ने कहा था कि बुलडोजर पूरे देश में काम करेंगे। जहां भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण होगा, वहां बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा था, "पश्चिम बंगाल में भी नई बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद, हमने पहले दिन से ही यह काम शुरू कर दिया था। ऐसे अवैध कार्यों में शामिल लोगों से मेरा अनुरोध है कि वे वैध तरीके से अपना कारोबार करें। सरकार आपको पूरा समर्थन देगी। अवैध गतिविधियां करने वालों को स्वयं ही जगह खाली करनी चाहिए, ताकि न तो उन्हें और न ही हमें परेशानी हो। हम किसी भी परिस्थिति में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
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