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आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबियों के घर ईडी की रेड, वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है मामला

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Sep 12, 2024 12:11 pm IST,  Updated : Sep 12, 2024 12:11 pm IST

प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी की है। दरअसल आरजी कर अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबियों के यहां यह छापेमारी की गई है।

ED raids the houses of close associates of RG Kar former principal Sandip Ghosh - India TV Hindi
कोलकाता में ईडी की रेड Image Source : FILE PHOTO

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के ‘करीबी’ लोगों के आवासों और कार्यालयों पर बृहस्पतिवार को छापेमारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने कोलकाता के ताला इलाके में चंदन लोहया के फ्लैट और कालिंदी स्थित कार्यालय में छापे मारे। ईडी की एक अन्य टीम ने उत्तर 24 परगना जिले के चिनार पार्क स्थित घोष के पैतृक घर पर भी छापेमारी की। 

कोलकाता में ईडी की छापेमारी

उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''हमारे अधिकारी लोहया और उनकी पत्नी से पूछताछ कर रहे हैं। घोष ने टेंडर देने में उनकी मदद की थी।'' उन्होंने कहा, ''ईडी की एक अन्य टीम आरजी कर अस्पताल को उपकरण की आपूर्ति करने वाले संस्थान के कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच कर रही है। सरकारी अस्पताल और संस्थान के बीच कुछ संदिग्ध लेन-देन है।'' ईडी के साथ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भी सरकारी अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। सीबीआई ने इस मामले में घोष और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। 

अबतक काम पर नहीं लौटे जूनियर डॉक्टर

कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद मचा बवाल अभी तक थमा नहीं है। जूनियर डॉक्टर्स अभी तक काम पर वापस नहीं लौटे हैं। ऐसे में एक बार फिर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव की ओर से एक चिट्ठी जूनियर डॉक्टर्स को भेजी गई है, जिसमें उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। इस चिट्ठी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया गया है। मुख्य सचिव की ओर से भेजी गई चिट्ठी में डॉक्टर्स से अनुरोध किया गया है कि वे बातचीत के लिए आज शाम पश्चिम बंगाल के सचिवालय (नबन्ना) में अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आएं। प्रतिनिधिमंडल में 12 से 15 लोग हों। मुख्य सचिव ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि सकारात्मक बातचीत से समस्याओं का समाधान करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने लिखा कि पिछले 32 दिनों से लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं जो कि गंभीर चिंता का विषय है। 

(इनपुट-भाषा)

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