बारासात: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन जल्द ही तारीखों की भी घोषणा हो जाएगी। ऐसे में हम आपको पश्चिम बंगाल की बारासात सीट के बारे में बताने जा रहे हैं।
बारासात सीट पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में आती है। 1951 में ये सीट पहली बार चुनाव के लिए तैयार हुई थी। इस सीट पर लेफ्ट फ्रंट का हिस्सा ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 9 बार चुनाव जीता है। वहीं कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस यहां से 4-4 बार जीती है।
साल 2011 से इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस अपना वर्चस्व कायम किए हुए है। टीएमसी के दीपक चक्रवर्ती लगातार 3 बार से चुनाव जीत रहे हैं। 2021 में BJP ने यहां अपनी स्थिति में कुछ सुधार तो किया लेकिन तृणमूल कांग्रेस को हरा नहीं सकी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार यहां मुकाबला तृणमूल कांग्रेस बनाम बीजेपी हो सकता है।
इतिहास में भी बारासात काफी चर्चा में रहा है। मुगल काल में जेसोर के राजा प्रतापादित्य के लिए काम करने वाले शंकर चक्रवर्ती यहां बसे थे। इसके बाद जब ब्रिटिश राज आया तो कलकत्ता के अधिकारी वीकेंड पर रुकने के लिए इस जगह का ही चयन करते थे। 1869 में बारासात को एक म्युनिसिपैलिटी भी बनाया गया था।
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से AITC के चिरंजीत चक्रबर्ती जीते थे। उन्हें 1,04,431 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 46.3 रहा था। जीत का अंतर 10.6 % रहा था। दूसरे नंबर पर बीजेपी के शंकर चटर्जी रहे थे। उन्हें 80,648 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर AIFB के संजीव चट्टोपाध्याय रहे थे। उन्हें 34,171 वोट मिले थे।
साल 2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से AITC के चिरंजीत चक्रबर्ती जीते थे। उन्हें 99,667 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 48.4 % रहा था। जीत अंतर का प्रतिशत 12.1 % रहा था। इस चुनाव में दूसरे नंबर पर AIFB के चट्टोपाध्याय संजीव रहे थे। उन्हें 74,668 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बीजेपी के डॉ बिथिका मंडल रहे थे। उन्हें 22,537 वोट मिले थे।
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