गोमा (कांगो): पूर्वी कांगों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादी संगठन से जुड़े विद्रोहियों ने बहुत बड़ा हमला किया है। इस हमले में कम से कम 43 लोगों की हत्या कर दी गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
'अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज' (एडीएफ) के लड़ाकों ने बुधवार रात बाफवाकोआ गांव में नागरिकों को निशाना बनाया। युगांडा में इस्लामिक स्टेट से जुड़ा यह विद्रोही समूह खुली सीमा के दोनों ओर सक्रिय है। नागरिक समाज से जुड़े एक संगठन के सदस्य सैमुअल बनापिया ने फोन पर बताया, ''उन्होंने गांव में घरों को आग लगा दी।'' कांगो की सेना ने एक बयान में कहा कि 43 लोग मारे गए हैं, जबकि स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या कम से कम 56 है। कई लोग लापता हैं और कम से कम दो लोगों को बंधक बनाया गया है।
एम23 है प्रमुख विद्रोही समूह
कांगो की सेना एडीएफ सहित पूर्वी क्षेत्र में कई अन्य विद्रोही समूहों से जूझ रही है। इनमें सबसे प्रमुख रवांडा समर्थित 'एम23' है जिसने पिछले साल पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया था। पूर्वी कांगो में सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जूल्स न्गोंगो ने कहा, ''एडीएफ सेना के साथ सीधे टकराव से बचता है, वह आम लोगों को निशाना बनाता है। ऐसे में शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचता है।'' कांगो में एडीएफ लड़ाकों की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन क्षेत्र में उनकी मजबूत मौजूदगी है और वे अक्सर नागरिकों पर हमले करते रहते हैं। हाल के वर्षों में युगांडा सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए हैं। पिछले साल एडीएफ ने एक पड़ोसी क्षेत्र में 66 लोगों की हत्या की थी और कई अन्य को बंधक बना लिया था।