1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. विदेश
  4. एशिया
  5. इंडोनेशिया में एक बार फिर फटा सिनाबंग ज्वालामुखी, निकला लावा और धुएं का गुबार

इंडोनेशिया में एक बार फिर फटा सिनाबंग ज्वालामुखी, निकला लावा और धुएं का गुबार

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर एक ज्वालामुखी के फटने से गुरुवार को भारी मात्रा में लावा निकला और धुआं का गुबार छा गया।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: March 11, 2021 15:43 IST
Mount Sinabung Volcano, Mount Sinabung Eruption, Mount Sinabung Indonesia, Volcano Eruption- India TV Hindi
Image Source : AP सुमात्रा द्वीप पर एक ज्वालामुखी के फटने से गुरुवार को भारी मात्रा में लावा निकला और धुआं का गुबार छा गया।

माउंट सिनाबंग: इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर एक ज्वालामुखी के फटने से गुरुवार को भारी मात्रा में लावा निकला और धुआं का गुबार छा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही इस ज्वालामुखी से 5 किलोमीटर की ऊंचाई तक राख निकली थी और आसपास काफी मात्रा में धुआं छा गया था। यह ज्वालामुखी पिछले कई दिनों से सुलग रहा है और गुरुवार को इसमें से एक बार फिर लावा और धुआं निकलते देखा गया। इस ज्वालामुखी के चलते सिनाबंग के आसपास के इलाकों से पिछले कुछ सालों में 30 हजार से ज्यादा लोगों ने पलायन किया है।

‘3 किलोमीटर के दायरे में छाई धुंध’

इंडोनेशिया के ज्वालामुखी और भूगर्भ आपदा न्यूनीकरण केंद्र ने बताया कि उत्तरी सुमात्रा प्रांत के माउंट सिनाबंग में ज्वालामुखी से 1,000 मीटर की ऊंचाई तक धुआं और लावा निकलने लगा जिससे 3 किलोमीटर के दायरे में धुंध छा गई। सिनबांग निगरानी पोस्ट पर तैनात एक अधिकारी अर्मेन पुत्रा ने बताया कि ज्वालामुखी फटने से कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि लोगों को ज्वालामुखी के क्रेटर के मुहाने से पांच किलोमीटर दूर रहने को कहा है। पिछले कुछ सप्ताह में सेंसर उपकरण पर ज्वालामुखी की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिलने के बाद चौकसी बरती जा रही थी और दूसरे शीर्ष स्तर की चेतावनी जारी की गयी थी।


4 सदियों के बाद 2010 में फटा था ज्वालामुखी
बता दें कि पिछले साल से ही 2600 मीटर ऊंचे इस पर्वत में ज्वालामुखी सुलग रहा था। पिछले महीने 5000 मीटर की ऊंचाई तक राख निकला था और आसपास धुआं छा गया था। ज्वालामुखी के सक्रिय होने के कारण पिछले कुछ वर्षों में सिनाबंग के आसपास से करीब 30,000 लोगों को दूसरे स्थानों पर पनाह लेनी पड़ी है।लगभग 4 सदियों तक शांत रहने के बाद जब 2010 में यह ज्वालामुखी फटा था तब 2 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 2014 में हुए एक और ज्वालामुखी विस्फोट में 17 लोगों की जान गई थी। 2016 में भी ज्वालामुखी फटने के चलते 7 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

bigg boss 15