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चीन में 'ए4 क्रांति', लोगों ने 'कोरे कागज' को लहराकर किया विरोध प्रदर्शन, जानें क्या है मामला

 Published : Nov 29, 2022 10:05 am IST,  Updated : Nov 29, 2022 10:12 am IST

कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ चीन में व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस दौरान लोगों ने कागज के खाली पन्ने को हाथों में लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

चीन में कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ हाथ में काेरे काागज लेकर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन(फाइल फोटो)- India TV Hindi
चीन में कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ हाथ में काेरे काागज लेकर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन(फाइल फोटो) Image Source : AP

कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ चीन में व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस दौरान लोग कागज के खाली पन्नों को हाथों में लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो कि एक प्रतिष्ठित वस्तु(ब्लैंक पेपर) बन गए हैं। इसे कई लोग 'श्वेत पत्र क्रांति', 'कोरी चादर क्रांति' या 'ए4 क्रांति' कहते हैं। जानकारी के मुताबिक चीन में हो रहे कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान लोगों को एक लंबा कोरा कागज पकड़े देखा गया। इसपर, कुछ का कहना है कि यह सेंसरशिप से बचने का एक तरीका है।

हम जानते हैं कि यह किस चीज का प्रतीक है- प्रदर्शनकारी

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नानजिंग के कम्युनिकेशन यूनिवर्सिटी में एक महिला कोरे कागज के एक लंबे टुकड़े का एक छोर पकड़े हुई है और दूसरे छोर को एक अज्ञात व्यक्ति पकड़े हुआ है। इसके बाद के एक अन्य वीडियो में कैंपस में दर्जनों और छात्रों को श्वेत पत्र के टुकड़ों को पकड़े हुए देखा गया, जो मौन खड़े थे। वीकेंड में दूसरे प्रमुख शहरों में भी इसी तरह के नजारे देखे गए।

शनिवार की रात शंघाई में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाली एक महिला ने बीबीसी को बताया कि निश्चित रूप से कागज पर कुछ भी नहीं लिखा था, लेकिन हम जानते हैं कि यह किस चीज का प्रतीक है। हालांकि, कागज बनाने वाली शंघाई एम एंड जी स्टेशनरी ने उन अफवाहों का खंडन किया है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से सभी ए4 पेपर को अलमारियों से हटा लिया है।

कोरे कागज के टुकड़े चीन में प्रदर्शनकारियों के लिए अवज्ञा का प्रतीक

कोरे कागज के टुकड़े चीन में प्रदर्शनकारियों के लिए अवज्ञा का प्रतीक बन गए हैं, खासकर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के बीच। वे देश में लगाए गए कोविड प्रतिबंधों के प्रति अपने गुस्से को दिखा रहे हैं। यह मौन विरोध का एक रूप है, लेकिन उनके लिए सेंसरशिप या गिरफ्तार होने से बचने का एक तरीका है। सोमवार को कंपनी ने शंघाई स्टॉक एक्सचेंज पर एक इमरजेंसी नोटिस पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि एक जाली दस्तावेज ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है। 

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