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China: 14 लाख से अधिक गिरफ्तारी, चप्पे चप्पे पर सुरक्षा, तीसरी बार सत्ता में आने वाले शी जिनपिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज

 Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
 Published : Oct 19, 2022 09:44 am IST,  Updated : Oct 19, 2022 10:25 am IST

China Protest: चीन में सरकार की कोविड नीति के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शि जिनपिंग को सत्ता से उखाड़ फेंकने की मांग हो रही है। लोग लॉकडाउन को लेकर भी भड़के हुए हैं।

China President Xi Jinping- India TV Hindi
China President Xi Jinping Image Source : AP

Highlights

  • चीन में शी जिनपिंग का विरोध
  • 14 लाख से अधिक लोग गिरफ्तार
  • चप्पे चप्पे पर बढ़ाई जा रही सुरक्षा

China Protest: चीन में एक बार फिर शी जिनपिंग राष्ट्रपति बनने वाले हैं। ये उनका तीसरा कार्यकाल होगा। वह माओ त्से तुंग के बाद चीन के सबसे ताकतवर नेता बन गए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के दो कार्यकाल तक का नियम भी खत्म कर दिया है। चीन में इस वक्त राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक चल रही है। जिसकी शुरुआत 16 अक्टूबर को हुई थी। ये बैठक 23 अक्टूबर तक चलेगी। इसी बैठक में शी जिनपिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाए जाने का ऐलान होगा। इस बीच चीनी अधिकारी सबकुछ योजना के अनुसार करने की कोशिश में हैं। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 

सैड़कों की संख्या में वॉलंटियर्स को काम पर लगाया गया है। इन्हें नेबरहुड सिक्योरिटी वॉलंटियर नाम दिया गया है। ये लोग राजधानी बीजिंग की हर 100 फीट की दूरी पर मौजूद हैं। सुरक्षा को किसी भी तरह के खतरे से बचाने के लिए सभी कोशिशें की जा रही हैं। इसके अलावा देश में कोरोना वायरस भी अपना प्रकोप बनाए हुए है। जहां एक तरफ पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के मामले बेशक कम हो गए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ चीन में वायरस का प्रकोप बना हुआ है। वो भी ऐसे वक्त पर जब कम्युनिस्ट पार्टी सीपीसी की अहम बैठक चल रही है।

वायरस के खिलाफ सुरक्षा इतनी सख्त है कि अगर कोई ऐसे इलाके की यात्रा करता है, जहां एक भी केस मिला है, तो उसे शहर में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा। जगह जगह फंसे लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों का कहना है कि इन्हें अपने दफ्तर के काम और सर्जरी के लिए तत्काल शहर लौटना है। कुछ लोगों की शिकायत है कि उनके बॉस ने उन्हें बीते हफ्ते सात दिनों की राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों के दौरान बीजिंग छोड़कर जाने नहीं दिया। उन्हें इस बात का डर था कि कर्मियों को दोबारा शहर में आने से रोका जा सकता है।

 
सीपीसी की बैठक के पूरा होने तक के लिए पुलिस की रेकी बढ़ा दी गई है। अन्य प्रांतों के अधिकारियों को भी कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन समेत अन्य जरूरी उपाय अपनाने को कहा गया है। खासतौर से बीजिंग में उपाय अपनाए जा रहे हैं।

14 लाख से ज्यादा लोग गिरफ्तार

हर पांच साल में एक बार होने वाली सीपीसी की इस बैठक का आयोजन ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हो रहा है। आम लोगों को इन पाबंदियों की वजह से काफी दिक्कतें हो रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में बीजिंग ओवरपास पर दो बैनर लगे दिखे। जिनमें लॉकडाउन खत्म करने और शी को सत्ता से उखाड़ फेंकने को कहा गया है। हालांकि खुलेतौर पर सड़कों पर प्रदर्शनकारी नहीं दिखाई दे रहे। कहीं छोटे स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो सरकार उन्हें दबाया जा रहा है। यहां तक कि ऑनलाइन भी लोगों पर पूरी नजर रखी जा रही है। विरोध प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरों को हटाया जा रहा है। अभी तक 14 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन के ट्विटर यानी वीबो पर बीजिंग शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसपर केवल वेरिफाइड अकाउंट वाले लोग ही बीजिंग शब्द का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं।

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