Iran-Israel War Live Updates: मिडिल ईस्ट धीरे-धीरे एक बड़े जंग की ओर बढ़ रहा है। इजरायल और ईरान के बीच जंग सातवें दिन भी जारी है। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया है। वहीं इजरायल ने भी ईरान में यूरोनियम सेंट्रीफ्यूज और मिसाइल बनाने वाली इकाइयों पर हमला बोला। इजरायल के हमले में ईरान में अब तक 639 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अमेरिका भी इस जंग में कूद सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।इस खबर के हर अपडेट के लिए इस पेज पर बन रहें।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि ईरान-इज़राइल संघर्ष में अमेरिका की ओर से किया गया कोई भी हस्तक्षेप इस तनाव को और ज्यादा बढ़ा देगा। इज़रायल का कहना है कि ईरान के शीर्ष सैन्य नेताओं, परमाणु वैज्ञानिकों, यूरेनियम संवर्धन स्थलों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर उसका व्यापक हमला रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। क्योंकि ईरान इजारयल को नष्ट करने के लिए परमाणु बम बना रहा है।
इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के अराक परमाणु रिएक्टर को भी निशाना बनाया है। इजारयली डिफेंस फोर्स का कहना है कि खुफिया विभाग के सटीक इनपुट के बाद हमारे 40 लड़ाकू विमानों ने 100 से ज्यादा गोला-बारूद के साथ तेहरान समेत अन्य इलाकों में ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों पर अटैक किया।
इजरायल के अस्पताल और अन्य इलाकों में ईरान के ताजा हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-ईरान के आतंकवादी तानाशाह (अयातुल्ला अली खामेनेई) के सैनिकों ने सरोका अस्पताल और नागरिक आबादी पर मिसाइलें दागी हैं। अब उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी।
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यावाद। हम लगातार अमेरिका से बात कर रहे हैं। हमने राज्य के लिए दो मौजूदा खतरों को खत्म करने के लिए इस ऑपरेशन की शुरुआत की है। हम इन खतरों को खत्म करने की दिशा में आगे कदम बढ़ रहे हैं। हमने तेहरान के स्पेस पर कब्जा कर लिया है।
इजरायल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है। एपी ने ईरानी सरकारी टेलीविजन चैनल के हवाले से यह जानकारी दी है।
ईरान ने इजरायल पर की मिसाइलों की बौछार। बीरशेबा और सोरोका अस्पताल पर भी हमले में पहुंचा नुकसान। ईरानी मिसाइलों ने मध्य इजरायल को भी बनाया निशाना।
इजरायल की एयरफोर्स ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है। तेहरान और करज पर ज़बरदस्त बमबारी कर रही है। तेहरान में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए हैं और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। वहीं ईरान की तरफ से भी इजरायल पर मिसाइल अटैक किया गया है। ईरान ने तेल अवीव पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया है।
इज़रायल ने ईरान पर बड़ा साइबर अटैक किया है। ईरानी न्यूज चैनल हैक करने के बाद ईरानी महिलाओं के बाल काटते हुए वीडियो चलाए गए। हालांकि ईरानी ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन का कहना है कि उसने इज़रायल के इस साइबर अटैक को नाकाम कर दिया है। लेकिन उससे पहले ईरानी न्यूज चैनल पर काफी देर तक महिलाओं के बाल काटने वाला वीडियो चलता रहा। इज़रायल ने ईरान के बैंकिंग सेक्टर पर साइबर अटैक किया है।
ऑस्ट्रेलिया ने इजरायल से कुछ नागरिकों को निकाला है जबकि न्यूजीलैंड दूतावास के कर्मचारियों ने ईरान छोड़ दिया है। दोनों सरकारों ने कहा एयरफील्ड बंद होने के चलते हजारों नागरिक इस इलाके में फंसे हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ईरान में लगभग 1,500 और इजरायल में 1,200 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक फंसे हुए हैं।
न्यूज एजेंसी एपी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि अमेरिका ने इजरायल स्थित दूतावास से अपने कुछ राजनयिक कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। एक सरकारी विमान से कई राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को ले जाया गया है। हालांकि निकाले गए लोगों की सही संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध को लेकर चिंता जताई है और कहा कि वे इजरायल और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लड़ाई को रोकने के लिए रास्ते खोजे जाएं। ऐसा समाधान निकाला जाए जो ईरान और इजरायल दोनों के हित में हो।
ईरान पर इजरायली हमलों में कम से कम 639 लोग मारे गए हैं और 1,329 अन्य घायल हुए हैं। वाशिंगटन स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने ये आंकड़े जारी किए हैं। मारे गए लोगों में 263 नागरिक और 154 सुरक्षा बल के जवान हैं। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक मृतकों के इन आंकड़ों को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है। सोमवार को जारी किए गए अंतिम अपडेट में मरने वालों की संख्या 224 बताई गई है और 1,277 अन्य घायल हुए हैं।
'द इजरायल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली डिफेंस फोर्स ने ईरानी शहरों अराक और खोंडब के लोगों को शहर खाली कर सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतवानी जारी की है। आईडीएफ ने फ़ारसी भाषा में दिए गए बयान में कहा है कि आईडीएफ ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ़ इस क्षेत्र में काम कर रहा है। बता दें कि यह शहर मध्य ईरान में है। दरअसल, खोंडब के बाहरी इलाके में एक परमाणु रिएक्टर है। इजरायल इसे निशाना बना सकता है।
अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक अमेरिका इस जंग में कूदने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हमले की योजना को मंजूरी दे दी है। लेकिन यह देखने के लिए फाइनल ऑर्डर को रोक दिया है कि ईरान की सरकार अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकती है या नहीं। अगर ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकता है तो फिर अमेरिका इजरायल की तरफ से ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो जाएगा।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि इजरायली एयरफोर्स के 60 विमानों ने तेहरान में 20 से ज्यादा सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बमबारी की है। आईडीएफ ने तेहरान में प्रमुख परमाणु और मिसाइल स्थलों पर हमला किया, यूरेनियम संवर्धन और सेंट्रीफ्यूज स्थल को निशाना बनाने के साथ ही मिसाइल और वायु रक्षा उत्पादन सुविधाएं मुहैया कराने वाली जगह और परमाणु हथियार अनुसंधान और विकास केंद्र पर भी हमला किया।
इजरायल ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में हमला जारी रखे हुए है। इजरायल के एयरफोर्स ने दावा किया है कि उसने ईरान के अंदर जाकर तेहरान और अन्य इलाकों में जोरदार हमला किया है। उधर ईरान की ओर से भी इजरायल के ऊपर मिसाइल अटैक किए जा रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर एक अहम मीटिंग में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दी है। लेकिन उन्होंने अंतिम आदेश तक रुकने के लिए कहा है। उन्होंने ईरान को बातचीत के लिए एक और मौका दिया है। अमेरिका ईरान की सरकार से यह आश्वासन चाहता है कि वह अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ दे।
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