हरेत हरेक: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका गहराने लगी है। इजरायल की सेना ने दावा किया है कि उसने रविवार को बेरूत में किए गए हमले में हिजबुल्ला के वरिष्ठ सदस्य एवं चरमपंथी हेथम तब्ताबाई को मार गिराया है। सेना ने एक बयान में तब्ताबाई को ईरान समर्थित चरमपंथी समूह का ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ बताया गया है। हिजबुल्ला ने इस दावे पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। तब्ताबाई हिजबुल्ला की विशिष्ट ‘रदवान इकाई’ का नेतृत्व कर चुका था। अमेरिका ने 2016 में तब्ताबाई को आतंकवादी घोषित करते हुए उसे संगठन की हमलावर इकाई का कमांडर बताया था, जिसने सीरिया और यमन में हिजबुल्ला के विशेष बलों का नेतृत्व किया था। अमेरिका ने उसके बारे में जानकारी देने वाले को 50 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी।
इजरायल ने ईरान समर्थित चरमपंथी समूह को पुनः हथियार न जुटाने और पुनर्निर्माण न करने की चेतावनी भी दी। यह हमला, इजरा/ल-हिजबुल्ला युद्ध के समाप्त होने के लगभग एक वर्ष बाद किया गया है जिससे व्यापक संघर्ष शुरू होने की आशंका पैदा हो गई है। इजरायल ने यह कार्रवाई कैथोलिक ईसाई धर्म के शीर्ष नेता पोप लियो 14वें के लेबनान दौरे से कुछ दिन पहले की है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने एक बयान में कहा, ‘‘हम उत्तरी इजराइल के निवासियों और इजराइल राज्य के लिए किसी भी खतरे को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करना जारी रखेंगे।’’ सरकारी प्रवक्ता शोश बेडरोसियन ने यह नहीं बताया कि क्या इजराइल ने हमले से पहले अमेरिका को सूचित किया था या नहीं। उन्होंने केवल इतना कहा कि ‘‘इजराइल स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है।’’
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इजरायल ने हमला किया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने एक बयान में हमले की निंदा की और इजराइल पर युद्धविराम समझौते को लागू करने से इनकार करने का आरोप लगाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘‘लेबनान और उसके लोगों पर हमलों को रोकने के लिए ताकत और गंभीरता के साथ हस्तक्षेप करने’’ का आह्वान किया। व्यस्त हरेत हरेक इलाके में रविवार को हमले के बाद धुएं का गुब्बार उठता दिखाई दिया। (इनपुट-भाषा)
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