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पीएम मोदी की USA यात्रा के बाद रूस ने अपने दोस्त भारत को किया कॉल, NSA अजीत डोभाल से कही ये बात

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Jun 29, 2023 08:03 pm IST, Updated : Jun 29, 2023 08:03 pm IST

भारत-रूस के बहुत ही पारंपरिक संबंध हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत हमेशा इसे शांति से बातचीत के जरिये समाधान खोजने के पक्ष में रहा है। इस बीच पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से वैश्विक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में रूस ने भारत के एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बात की है। रूस ने अपने ताजा घटनाक्रमों से अवगत कराया है।

NSA अजीत डोभाल, भारत- India TV Hindi
Image Source : FILE NSA अजीत डोभाल, भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद भारत के दोस्त रूस ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत की है। रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पात्रुशेव ने बुधवार को एनएसए अजीत डोभाल को फोन किया और उन्हें रूस के ताजा घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी। दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच ऐसे समय में बातचीत हुई है जब कुछ ही दिन पहले रूस को एक निजी सैन्य समूह ‘वैग्नर समूह’ के विद्रोह का सामना करना पड़ा था, लेकिन यह अल्पकालिक रहा।

रूसी बयान के अनुसार, पात्रुशेव ने डोभाल से टेलीफोन पर बातचीत की और उन्हें रूस के ताजा घटनाक्रम की जानकारी दी। बयान के अनुसार, ‘‘ इस दौरान द्विपक्षीय एवं बहुस्तरीय प्रारूप के ढांचे में सुरक्षा क्षेत्र में रूस-भारत सहयोग से जुड़े वर्तमान मुद्दों और इसे गहरा बनाने की संभावनाओं के बारे में चर्चा हुई ।’’ इसमें कहा गया है कि इसके अलावा एन पात्रुशेव ने डोभाल को रूस के ताजा घटनाक्रम के बारे में बताया। वार्ताकारों ने गोपनीय वार्ता जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

भारत से संबंधों को और गहरा करना चाहता है रूस

गौरतलब है कि येवगेनी प्रीगोझिन के नेतृत्व वाले निजी रूसी सैन्य बल ‘वैग्नर’ समूह ने पिछले शनिवार को विद्रोह कर रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतीन के समक्ष गंभीर चुनौती पेश की थी। हालांकि जब उनके लोग मॉस्को से सिर्फ 200 किलोमीटर (120 मील) दूर थे, तो तब प्रीगोझिन ने अपने लड़ाकों को वापस बुलाने का फैसला किया था। प्रीगोझिन ने अचानक क्रेमलिन के साथ समझौते के बाद निर्वासन में जाने और पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। इधर यूक्रेन से युद्ध को 16 माह बीत चुके हैं। पश्चिमी देश लगातार रूस की घेराबंदी कर रहे हैं। ऐसे में रूस अपने मित्र भारत के साथ संबंधों को और गहरा करना चाहता है। (भाषा)

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