Pakistan election 2024: पाकिस्तान की अनवार उल हक काकर की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग ने 8 फरवरी को चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। आज चुनावी प्रक्रिया जारी है। दरअसल, पाकिस्तान जब से आजाद हुआ, तब से लेकर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री अपने 5 साल पूरे नहीं कर पाया है। चाहें पहले पीएम लियाकत अली खान हों, बेनजीर भुट्टो, नवाज शरीफ हों या फिर इमरान खान। पाकिस्तान में कोई सरकार एकसाथ 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई। पाकिस्तान की सेना के साए में पूरा मुल्क आजादी के बाद से लेकर आज तक चल रहा है। जानिए कौन प्रधानमंत्री ने कितने दिन तक सत्ता में रहा?
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ ने इमरान खान की तीन साल 228 दिन तक चली सरकार का तख्ता पलटकर अपनी सरकार बनाई थी। शेष समय सरकार चलाकर चुनाव का ऐलान कर दिया। इसके बाद काकर की अंतरिम सरकार पाकिस्तान को चला रही थी। किसी पीएम ने आज तक 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया।कोई प्रधानमंत्री सदन में हार गया तो किसी को सेना ने हटा दिया।
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सहित आज तक कुल 32 प्रधानमंत्री रहे हैं। इनमें से 8 प्रधानमंत्री केयर टेकर रहे। लेकिन कोई भी अपने पांच साल पूरे नहीं कर पाया है। इसमें बड़ी वजह रही है सेना का सत्ता में दखल। सेना ने जिसको चाहा, पीएम बनाया, जिसको चाहा पीएम पद से हटाया।
लियाकत अली खान 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे. 4 साल 63 दिन बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। जुल्फीकार अली भुट्टो पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में से एक रहे। 3 साल 325 दिन बाद उन्हें सेना की बगावत के आरोप में फांसी पर चढ़ा दिया गया।
बेनजीर ने 1988 में सिर्फ 1 साल 247 दिन चलाई सरकार
1988 में बेनजीर भुट्टो पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं. वह महज 1 साल 247 दिन पीएम रहीं. फिर 12 वोट से बेनजीर की सरकार गिर गई। नवबंर 1990 में उनकी जगह आए पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता नवाज शरीफ, लेकिन राजनीतिक उथल पुथल के चलते वो 2 साल 254 दिन ही टिक पाए।
अक्टूबर 1993 में हुए चुनावों में बेनजीर भुट्टो प्रधानमंत्री बनीं लेकिन इस बार टिक पाएं तीन साल 17 दिन।इसके बाद राष्ट्रपति ने उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया। नवाज शरीफ की फरवरी 1997 में पूरे बहुमत के साथ वापसी हुई। इस बार उनकी सरकार सिर्फ 2 साल 237 दिन चली। सेनाध्यक्ष जनरल मुशर्रफ ने शरीफ की कुर्सी पलट दी।
इसके बाद पाकिस्तान में जनरल मुशर्रफ का राज चला। कभी मार्शल लॉ तो कभी राष्ट्रपति का चोला पहनकर वे सत्ता के सिरमौर बने रहे। मुशर्रफ के दौर में भी कोई प्रधानमंत्री टिक नहीं पाया। मीर जफरुल्लाह खान जमाली एक साल 216 दिन पीएम रहे। चौधरी शुजात हुसैन 57 दिन रहे। शौकत अजीज 3 साल 79 दिन प्रधानमंत्री बने रहे।
दोबारा चुनाव हुए तो यूसुफ रजा गिलानी प्रधानमंत्री बने जिनके नाम पर सबसे ज्यादा दिन प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड है- 4 साल 86 दिन। गिलानी भी पांच साल पूरे नहीं कर पाए। उनके बाद आए राजा परवेज अशरफ तो सिर्फ 275 दिन कुर्सी पर टिक पाए।
2013 में नवाज शरीफ की फिर वापसी हुई, लेकिन इस बार पनामा पेपर लीक में बात उलझ गई और उनकी कुर्सी 4 साल 53 दिन में चली गई। बची हुई अवधि सैयद काखन अंसारी ने पूरी की। यानी पिछले 30 साल में पाकिस्तान ने 12 प्रधानमंत्री देखे। पाकिस्तान में पीएम का पद दरअसल एक पनौती की तरह है। यहां सेना का ही दबदबा है। प्रधानमंत्री पद पर 5 साल पूरे न कर पाना पाकिस्तान के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है।
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