Friday, February 13, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. दुनिया के प्रतिबंधों से बेफिक्र किम जोंग उन, उत्तर कोरिया ने फिर किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का ताबड़तोड़ परीक्षण

दुनिया के प्रतिबंधों से बेफिक्र किम जोंग उन, उत्तर कोरिया ने फिर किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का ताबड़तोड़ परीक्षण

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Dec 29, 2025 11:21 am IST, Updated : Dec 29, 2025 11:21 am IST

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर परमाणु निरोधक क्षमता हासिल करने के लिए कई क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया है। किम ने कहा कि इन मिसाइलों को उन्होंने समुद्र में दागा है।

नॉर्थ कोरिया मिसाइल टेस्ट- India TV Hindi
Image Source : AP नॉर्थ कोरिया मिसाइल टेस्ट

सियोल: दुनिया के प्रतिबंधों से बेखौफ और अमेरिका की धमकियों से बेफिक्र किम जोंग उन की सेना ने एक बार फिर क्रूज मिसाइलों का ताबड़तोड़ परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया ने सोमवार को कहा कि उसने देश की परमाणु निरोधक क्षमता का परीक्षण करने के लिए लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों को समुद्र में दागा। यह परीक्षण उसने अपनी पहली परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी के निर्माण में स्पष्ट प्रगति दिखाने के कुछ दिन बाद ही कर दिखाया है। इससे यूरोप से अमेरिका तक खलबली है।

उत्तर कोरिया क्यों कर रहा लगातार घातक हथियारों का परीक्षण

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन बहुत पहले ही अपनी सेना को युद्ध की तैयारी करने का निर्देश दे चुके हैं। हालांकि यह युद्ध वह किसके साथ लड़ेंगे, इसे लेकर कोई ऐलान नहीं है। मगर किम जोंग का इशारा साफ है...उनका मुख्य दुश्मन भले साउथ कोरिया है, लेकिन जंग की तैयारी वह अमेरिका के खिलाफ कर रहे हैं। इसकी वजह है कि अमेरिका ही साउथ कोरिया का संरक्षक बना है। ऐसे में उत्तर कोरिया लगातार अपनी युद्धक क्षमता को बढ़ा रहा है। रविवार को लॉन्च की गईं ये क्रूज मिसाइलें उत्तर कोरिया द्वारा अगले साल की शुरुआत में होने वाले सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी कांग्रेस से पहले हथियारों का नवीनतम प्रदर्शन है। पांच साल में होने जा रही इस तरह की पहली कांग्रेस पर बाहरी दुनिया की गहरी नजर होगी कि क्या उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन अमेरिका के साथ संबंधों में नई प्राथमिकताएं तय करेंगे और लंबे समय से रुकी हुई बातचीत फिर से शुरू करने के वाशिंगटन के आह्वान का जवाब देंगे।

परमाणु निरोधक क्षमता बढ़ाना चाह रहा उत्तर कोरिया

युद्ध के खतरों के बीच उत्तर कोरिया अपनी परमाणु निरोधक क्षमताओं को बढ़ाना चाह रहा है। यह नये परीक्षण उसी दिशा में उठाये गए कदम हैं। आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा कि देश के पश्चिमी तट से रविवार को हुए क्रूज मिसाइलों के परीक्षण पर पर किम जोंग ने बड़ी संतुष्टि" व्यक्त की। एजेंसी ने कहा कि किम ने इसे उत्तर कोरिया की परमाणु निरोधक क्षमता की विश्वसनीयता का परीक्षण करना और उसकी ताकत का प्रदर्शन करना बाहरी सुरक्षा खतरों के सामने "आत्मरक्षा के अधिकार और युद्ध निरोधक का जिम्मेदार अभ्यास" बताया। 

दक्षिण कोरिया ने भी दिया रिएक्शन

उत्तर कोरिया के इस परीक्षण पर दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि उन्हें रविवार सुबह उत्तर कोरिया की राजधानी क्षेत्र से कई क्रूज मिसाइल लॉन्च की जानकारी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ गठबंधन के माध्यम से किसी भी संभावित उत्तर कोरियाई उकसावे को रोकने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव उत्तर कोरिया को उसके विशाल बैलिस्टिक मिसाइल भंडार से जुड़े लॉन्च से प्रतिबंधित करते हैं। मगर किम जोंग उन इससे बेफिक्र हैं। उसके क्रूज मिसाइल परीक्षण प्रतिबंधित नहीं हैं, लेकिन वे अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लिए खतरा पैदा करते हैं, क्योंकि वे अत्यधिक गतिशील हैं और कम ऊंचाई पर उड़कर रडार का पता लगाने से बचती हैं।

क्या कहते हैं विश्लेषक

विश्लेषकों का कहना है कि संघर्ष की स्थिति में उत्तर कोरिया क्रूज मिसाइलों का उपयोग अमेरिकी युद्धपोतों और विमानवाहक पोतों पर हमला करने के लिए करेगा। पिछले सप्ताह, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से नई एंटी-एयर मिसाइलों का परीक्षण किया और एक विकासशील परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बी के लगभग पूरा हुए हल की तस्वीरें दिखाईं। उत्तर कोरिया ने संकेत दिया कि वह पनडुब्बी को परमाणु मिसाइलों से लैस करेगा। परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बी उन कई उन्नत हथियार प्रणालियों में से एक है, जिन्हें किम ने अमेरिका के नेतृत्व वाले सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए पेश करने का वादा किया है।

उत्तर कोरिया ने 2019 में किम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उच्च स्तरीय परमाणु कूटनीति के ढहने के बाद से अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करने के लिए हथियार परीक्षण गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन ट्रंप के बार-बार संपर्क के स्पष्ट जवाब में, किम ने सितंबर में सुझाव दिया कि यदि अमेरिका उत्तर कोरिया के "परमाणु निरस्त्रीकरण के भ्रामक जुनून" को छोड़ दे तो वह बातचीत में लौट सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किम सोच सकते हैं कि उनका विस्तारित परमाणु शस्त्रागार ट्रंप के साथ संभावित बातचीत में रियायतें हासिल करने के लिए उन्हें अधिक लाभ देगा।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement