वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर फिलहाल हमला नहीं करने की बात कहकर एक बड़ी कार्रवाई कर दी। इससे ईरान में खलबली मच गई है। दरअसल अमेरिका ने ईरान की थियॉक्रेटिक सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को दबाने के आरोप में ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे खामेनेई शासन के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लिया एक्शन
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सर्वोच्च सचिव को निशाना बनाया, जिन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप है। इन प्रतिबंधों में ईरानी वित्तीय संस्थानों से जुड़े एक छाया बैंकिंग नेटवर्क में शामिल 18 व्यक्ति और कंपनियां भी शामिल हैं। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरानी लोगों की स्वतंत्रता और न्याय की मांग का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, “हम ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और दमन का सामना कर रहे हैं।”
ईरान पर क्या होगा असर
अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए ये प्रतिबंध लक्षित व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिकी संपत्तियों तक पहुंच को ब्लॉक करते हैं तथा अमेरिकी व्यवसायों के साथ उनके लेन-देन पर रोक लगाते हैं। हालांकि, ये प्रतिबंध ज्यादातर प्रतीकात्मक माने जा रहे हैं क्योंकि अधिकांश लक्षित व्यक्तियों या संस्थाओं के पास अमेरिकी धन या संपत्ति नहीं है। यह कदम ईरान में जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच उठाया गया है, जहां सरकारी दमन में HRANA जैसी अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी के अनुसार कम से कम 2,615 लोग मारे जा चुके हैं।
अमेरिका ने कहा-ईरान ने किया लोगों का दमन
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि ये कार्रवाई ईरानी सरकार के उन प्रयासों को बाधित करने का हिस्सा है जो प्रदर्शनकारियों को कुचलने और आर्थिक दबाव बनाए रखने के लिए छिपे वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल करते हैं। ईरान ने इन आरोपों को “अमेरिकी हस्तक्षेप” करार देते हुए खारिज किया है और कहा है कि प्रदर्शन “विदेशी ताकतों द्वारा प्रायोजित” हैं।
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