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₹1530000000000000 का तेल, ट्रंप ने वेनेजुएला में किया खेल, जानिए अब कौन होगा अगला टारगेट?

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj Published : Jan 04, 2026 10:12 pm IST, Updated : Jan 04, 2026 11:01 pm IST

मादुरो से लड़ाई के पीछे सारा खेल तेल और डॉलर के वर्चस्व को चैलेंज देना था। मादुरो के साथ जो आज हुआ है उसकी वजह यही है। इतिहास गवाह है कि जो भी अमेरिका को डॉलर की सुप्रीमेसी पर चैलेंज करता है, वो उसका सबसे बड़ा दुश्मन हो जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बंधक वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो- India TV Hindi
Image Source : AP AND @REALDONALDTRUMP/TRUTHSOCIAL अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बंधक वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को डिटेंशन सेंटर में डालने का ऑर्डर दे दिया गया है। ये ऑर्डर सीधे व्हाइट हाउस से आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ना ड्रग्स के लिए न आतंकवाद के लिए वेनेजुएला पर हमले का ऑर्डर दिया बल्कि ये ऑर्डर ग्लोबल मैसेज है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उठाकर ले आना ये भी ग्लोबल मैसेज है। ये मैसेज उन वर्ल्ड लीडर और उन देशों को दिया है, जो तेल के खेल में अमेरिका को चैलेंज देने की सोच रहे हैं या अमेरिका के डॉलर को रिप्लेस करने की प्लानिंग कर रहे हैं। ट्रंप का अगला टारगेट कौन होगा? अगला हमला किस देश में होगा? इसका इशारा मिल गया है। इस रिपोर्ट में आपको नाम मिल जाएगा।

दुनिया में सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल वेनेजुएला के पास

वेनेजुएला के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 303 बिलियन बैरल क्रूड ऑयल का रिजर्व है। इसकी कीमत ₹1530000000000000 यानी करीब पंद्रह लाख तीस हजार करोड़ रुपये के आसापास है इसके बाद सऊदी अरब के पास 258 बिलियन बैरल ऑयल है फिर ईरान के पास 209 बिलियन बैरल, कनाडा के पास 170 बिलियन बैरल, ईराक के पास 145 बिलियन बैरल, कुवैत के पास 101 बिलियन बैरल, यूएई के पास 98 बिलियन बैरल, रूस के पास 80 बिलियन बैरल, अमेरिका के पास 48, लीबिया के पास 48 बिलियन बैरल ऑयल रिजर्व है।

पूरी दुनिया का 20% ऑयल रिजर्व

लेकिन ट्रंप की नजर सबसे ज्यादा वेनजुएला के तेल पर थी, जो पूरी दुनिया का 20% ऑयल रिजर्व है। अमेरिका खुद को सबसे पुरानी डेमोक्रेसी का हवाला देता है। खुद को डेमोक्रेसी का चैंपियन कहता है और तो और ट्रंप तो खुद को शांति का मसीहा बताते हैं लेकिन तेल और डॉलर के लिए अपने स्वार्थ के लिए सारे सिद्धांत भूल जाते हैं। यही ट्रंप की असलीयत है। पैसे के लिए ट्रंप कुछ भी कर सकते हैं।

अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती 

यह बहुत ही सफल कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है, जो अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती देना चाहते हैं या अमेरिकी लोगों की जान को खतरे में डालते हैं। बहुत जरूरी बात यह है कि वेनेजुएला के तेल पर लगाया गया प्रतिबंध अभी भी पूरी तरह लागू है। अमेरिकी नौसेना पूरी तरह तैयार अवस्था में तैनात है और संयुक्त राज्य अमेरिका के पास सभी सैन्य विकल्प खुले हुए हैं। 

 

वेनेजुएला के दूसरे नेताओं को चेतावनी

जब तक कि अमेरिका की सभी मांगें पूरी तरह पूरी नहीं हो जातीं। वेनेजुएला के सभी राजनीतिक और सैन्य नेताओं को समझ लेना चाहिए कि जो मादुरो के साथ हुआ, वही उनके साथ भी हो सकता है। अगर वे अपने लोगों के साथ न्यायपूर्ण और ईमानदार नहीं होंगे। तानाशाह और आतंकवादी मादुरो अब आखिरकार वेनेजुएला से हट चुका है। लोग अब आजाद हैं, वे फिर से आजाद हैं। उन्हें आजादी पाने में बहुत समय लगा, लेकिन अब वे आजाद हैं। 

ऐसे अमेरिका की नजरों में खटका वेनेजुएला

दरअसल, सच्चाई तो ये है कि जहां-जहां जिस जिस देश के पास तेल है या फिर प्राकृतिक संसाधन है। अमेरिका की लार टपकने लगती है और अगर उस देश ने अमेरिका की नाफरमानी कर दी तो सारे सिद्धांत भूल कर उस पर कब्जाने के लिए छटपटाने लगता है। अमेरिका को वेनजुएला तभी से खटकने लगा था, जबसे उसके पास दुनिया के तेल के सबसे बड़े भंडार का पता चला था।

अमेरिका और वेनजुएला के रिश्ते में खटास आई

तेल को लेकर अमेरिका ने वेनजुएला को अपने आइने में उतारना चाहा बात तब बिगड़ी जब अमेरिका ने तेल की कीमत डॉलर से तय करने की बात कही और वेनजुएला ने इससे मना कर दिया। तभी से अमेरिका और वेनजुएला के रिश्ते में खटास आ गई। आज मादुरो को अमेरिका दादागीरी कर पकड़ कर लाया है।

चीन, रुस, ईरान और नॉर्थ कोरिया भी अमेरिका पर भड़के

तेल और डॉलर के खेल में अमेरिका ने मादुरो को गिरफ्तार कर मैसेजिंग के लेवल पर बढ़त बना लिया है। इसीलिए तेल के खेल को समझने वाले उसके विरोधी चीन, रुस, ईरान और नॉर्थ कोरिया जैसे देश ट्रंप पर भड़क गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा परेशान चीन है क्यों चीन वेनेजुएला से सबसे ज्यादा तेल लेता है। इसी से समझ लीजिए...

ट्रंप ने दी साफ चेतावनी

चीन की परेशानी की वजह ये है कि ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है कि अब वेनजुएला में जो भी होगा। अमेरिका के मुताबिक होगा। सरकार भी उसकी होगी और तेल भी जैसे चाहेगा वैसे बेचेगा। अब सवाल ये है कि चीन, रूस और ईरान के वेनेजुएला में हित हैं। तेल और ड्रग्स के मामले में यह कार्रवाई आपके इन देशों के साथ रिश्तों को कैसे प्रभावित करेगी?

दूसरे देशों को बड़ी मात्रा में तेल बेचेंगे- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन और रूस की बात करें तो मॉस्को के साथ, जब हालात ठीक हो जाएंगे, तब देखेंगे। लेकिन जो दूसरे देश तेल चाहते हैं, हम तेल का कारोबार करते हैं और हम उन्हें तेल बेचेंगे। हम यह नहीं कहेंगे कि हम तेल नहीं बेचेंगे। मतलब यह है कि हम शायद पहले से कहीं ज़्यादा मात्रा में तेल बेचेंगे, क्योंकि वे खुद ज़्यादा तेल पैदा नहीं कर पा रहे थे, उनका इन्फ्रास्ट्रक्चर बहुत खराब था। इसलिए हम दूसरे देशों को बड़ी मात्रा में तेल बेचेंगे। कई देश अभी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और मेरा मानना है कि आगे चलकर और भी कई देश जुड़ेंगे।

 वेनजुएला पर हमला कर अमेरिका ने ब्रिक्स को संदेश दिया 

ट्रंप ने खुलकर अपनी सर्व सत्ता का ऐलान कर दिया है और ब्रिक्स जैसे देशों को भी मैसेज दे दिया है जो डॉलर के विकल्प तलाशने के बारे में सोच रहे हैं। अब सवाल है कि क्या ट्रंप के इस हमले के बाद ब्रिक्स का डी डॉलराइजेशन का प्लान थम जाएगा या ट्रंप के खिलाफ ब्रिक्स देश इकट्ठा होकर डी-डॉलराइजेशन की मुहिम में तेजी ला देंगे क्योंकि वेनजुएला पर हमला कर अमेरिका ने पूरी दुनिया के ये तो संदेश दे दिया है कि तेल और डॉलर के साथ जो खेल करेगा। अमेरिका उसका खेल कर देगा। अब सवाल है कि दुनिया ट्रंप की दादागीरी के सामने सरेंडर कर देगी या ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल देगी। 

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