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सुनीता विलियम्स को ISS से धरती पर उतरने के बाद किन-किन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा, यहां जानें

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Mar 18, 2025 11:45 pm IST, Updated : Mar 19, 2025 06:32 am IST

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पिछले नौ महीने से फंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने अंतत: ‘स्पेसएक्स’ के यान से पृथ्वी पर वापसी कर ली।

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और अन्य- India TV Hindi
Image Source : X@COMMERCIAL_CREW अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और अन्य

वाशिंगटनः नासा के दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर लौट आए हैं। चार लोगों का दल जो औपचारिक रूप से नासा के क्रू-9 अंतरिक्ष यात्री रोटेशन मिशन का हिस्सा है, मंगलवार को शाम 5:57 बजे (बुधवार को भारत के समयानुसार सुबह 3:27 बजे) फ्लोरिडा के तट पर उतरा। दोनों अंतरिक्ष यात्री नौ महीने पहले बोइंग की एक परीक्षण उड़ान के जरिये अंतरिक्ष केंद्र में पहुंचे थे। आइए जानते हैं भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स के धरती पर लैंड करने के बाद उन्हें किन-किन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

तत्काल चिकित्सा सहायता: फ्लोरिडा तट पर लैंड करने के बाद, सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल से बाहर निकाला जाएगा और प्रारंभिक चिकित्सा जांच के लिए स्ट्रेचर पर रखा जाएगा। यह मानक प्रक्रिया अंतरिक्ष यात्रियों को माइक्रोग्रैविटी के लंबे समय तक संपर्क में रहने के बाद होने वाली शारीरिक चुनौतियों की वजह से की जाती है।

जॉनसन स्पेस सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा: अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष एजेंसी के ह्यूस्टन में जॉनसन स्पेस सेंटर में उनके क्रू क्वार्टर में कई दिनों तक स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा जाएगा, जैसा कि अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के लिए नियमित रूप से होता है। इससे बाद नासा के फ्लाइट सर्जन उन्हें उनके परिवारों के पास घर जाने की मंजूरी दे सकते हैं।

मिशन के बाद की डीब्रीफिंग: अंतरिक्ष यात्री मिशन के दौरान अपने अनुभवों, चुनौतियों और सफलताओं पर चर्चा करने के लिए डीब्रीफिंग में भाग ले सकते हैं। 

परिवार से मुलाकात

अपने लंबे मिशन के बाद सुनीता विलियम्स से उनके परिवार और दोस्तों को मुलाकात की अनुमति दी जा सकती है। बता दें कि गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति का प्रभाव लंबे समय तक अंतरिक्ष यात्रियों पर पड़ता है, जो पृथ्वी पर लौटने पर चक्कर आना, मतली और अस्थिर चाल का अनुभव करते हैं।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को हो सकती है ये परेशानी

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अंतरिक्ष में शरीर में होने वाले बदलावों पर एक नोट में ह्यूस्टन स्थित बेलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन का हवाला देते हुए बताया कि एक बार जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस लौटता है तो उसे तुरंत फिर से पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार समायोजित होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उसे खड़े होने, अपनी निगाह स्थिर करने, चलने और मुड़ने में समस्या हो सकती है। धरती पर लौटने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को अक्सर पृथ्वी पर लौटने के तुरंत बाद एक कुर्सी पर बिठाया जाता है।

अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर जीवन के लिए खुद को फिर से तैयार करने में कई सप्ताह लगते हैं। नासा के अनुसार, अंतरिक्ष में हर महीने, अगर अंतरिक्ष यात्री इस कमी को दूर करने के लिए सावधानी नहीं बरतते हैं, तो उनकी वजन सहन करने वाली हड्डियाँ लगभग एक प्रतिशत कम घनी हो जाती हैं।

झूलासन में डोला माता मंदिर में प्रार्थना

उधर, गुजरात के मेहसाणा में नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पैतृक गांव झूलासन में डोला माता मंदिर में उनकी सुरक्षित धरती पर वापसी के लिए प्रार्थना की जा रही है। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री नौ महीने से अधिक समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे रहने के बाद धरती पर वापस आ रहे हैं। 

 (पीटीआई इनपुट के साथ)

 

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