लखीसराय: बिहार की सियासत में एक बार फिर मटन पार्टी का तड़का लग गया है। केंद्रीय मंत्री और मुंगेर से जेडीयू सांसद ललन सिंह ने बुधवार को लखीसराय में एक रैली के बाद मटन भोज का आयोजन किया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। सावन के पवित्र महीने में इस मटन पार्टी ने बिहार में सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे सनातन धर्म से जोड़कर केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है, जबकि RJD इस मुद्दे पर खामोश है। पार्टी के दौरान कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी का भी माहौल देखने को मिला।
ललन सिंह ने लखीसराय के सूर्यगढ़ा में 472 करोड़ रुपये की सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं के शिलान्यास के मौके पर यह रैली आयोजित की थी। रैली के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए मटन भोज का ऐलान किया गया। ललन सिंह ने खुद स्पष्ट किया कि सावन मानने वालों के लिए शाकाहारी भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। रैली को संबोधित करने के बाद ललन सिंह ने भोज का ऐलान करते हुए कहा, 'भोजन तैयार है, बढ़िया भोजन है। सावन का भी इंतजाम है, सावन वाला भोजन भी है, और जो सावन नहीं मना रहे, उनके लिए भी व्यवस्था है।' मटन पार्टी में टेबल-कुर्सी के साथ भोजन की पूरी व्यवस्था थी, लेकिन कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी देखने को मिली।
हालांकि ललन सिंह की इस मटन पार्टी को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया। कांग्रेस नेता बी. वी. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर भोज का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'सावन के महीने में मोदी-नीतीश की मटन पार्टी! धर्म के ठेकेदारों, डूब मरो।' कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर जहां पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को निशाने पर ले रही है। दूसरी ओर, RJD ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बिहार में मटन पर सियासत कोई नई बात नहीं है। पिछले साल सावन के महीने में RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मटन बनाकर खिलाया था, जिसे लेकर खूब विवाद हुआ था। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव के दौरान नवरात्र के समय RJD नेता तेजस्वी यादव का मछली खाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया था।
संपादक की पसंद