बिहार के पटना में भारी बारिश ने दशहरे के त्योहार का मजा किरकिरा कर दिया। यहां बारिश के चलते रावण का पुतला दहन से पहले ही बुरी तरह से भीग गया। इससे पुतले का सिर टूटकर लटक गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बारिश में भीग रहे रावण के पुतले का सिर लटका हुआ दिखाई दे रहा है। इस साल मानसून सामान्य समय से पहले आया था और उससे पहले ही इसकी वापसी भी शुरू हो गई थी। मानसून की वापसी की चलते देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हो रही है। इस वजह से रावण दहन का मजा किरकिरा हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी बारिश के डर से रावण का पुतला काफी देरी से मैदान में लाया गया। इसके साथ ही बारिश से बचाने के लिए पुतले के सिर को वाटर प्रूफ बनाया गया है। देश के अन्य हिस्सों में भी रावण दहन के दौरान बारिश होने की आशंका है।
दशहरे से एक दिन पहले अचानक हुई बारिश ने दिल्ली और जयपुर सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भीग गई। इस बारिश ने पुतले बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बारिश से सैकड़ों पुतले भीग गए और कारीगरों को भारी नुकसान हुआ। कारीगर पुतलों को अंतिम रूप दे कर उन्हें ट्रकों के माध्यम से दशहरा कार्यक्रम स्थलों तक भेजने की तैयारी कर रहे थे लेकिन बुधवार को कारीगरों के चेहरे मायूस नजर आए।
पश्चिमी दिल्ली के तीतारपुर बाजार के अनुभवी पुतला निर्माता महेंद्र पाल ने कहा, ‘‘हम साल भर इंतजार करते हैं और एक महीने से ज्यादा दिन-रात काम करते हैं लेकिन इस बारिश ने बड़ा नुकसान कर दिया है।’’ करीब 75 वर्षीय पाल पिछले 50 साल से इस धंधे में हैं। उन्होंने इस बार 25 से ज्यादा पुतले बनाए थे, जिनमें से 10 से अधिक बारिश के कारण खराब हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘प्राकृतिक आपदाओं में जैसी मदद दी जाती है, ठीक उसी तरह ही हमें भी मदद दी जानी चाहिए। हम जिला मजिस्ट्रेट, दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री, केंद्र और हमारे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से हमें सहायता देने की अपील करते हैं।’’ एशिया के सबसे बड़े रावण पुतला बाजार दिल्ली के तीतारपुर में पुतले टूटे-फूटे और भीगे हुए देखे जा सकते हैं। पुतलों के धड़, हाथ-पैर और बांस की चौखटें सड़कों के किनारे बिखरी पड़ी हैं। पुतलों का रंग धुल चुका है और कारीगरों को पुतलों को फिर से तैयार करने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
पटना में रावण का सिर लटकने के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि इस बार रावण की मौत जलकर या डूबकर नहीं हुई। बल्कि, गर्दन टूटने से हुई। बारिश के चलते मजाकिया अंदाज में कहा जा रहा था कि इस बार रावण की मौत जलकर नहीं, डूबकर होगी। (इनपुट- एएनआई/पीटीआई)
यह भी पढ़ें-
तेजस्वी पर भड़के तेज प्रताप यादव, बोले- "कौन राम, कौन लक्ष्मण, छोटे भाई को मर्यादा समझनी चाहिए"
संपादक की पसंद