सूत्रों के अनुसार, पटना की नीट छात्रा की मौत मामले में फॉरेंसिक ने अपनी बायो लॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपी दी है और इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के अंडर गारमेंट्स में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई है। यानि कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में sexual violence की पुष्टि हुई है। अब पुलिस को उस सस्पेक्ट को ढूंढना होगा जिसने छात्रा के साथ गलत किया है।
छात्रा की मौत के बाद मचा है बवाल
बता दें कि बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है और रोज विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मौत के मामले की गहन जांच चल रही है। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। SIT ने पटना एम्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित कुछ जरूरी दस्तावेज सौंपे थे, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, निदेशक और अधीक्षक के निर्देश पर पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है जो पिछले एक सप्ताह से छात्रा की मौत की जांच प्रक्रिया में जुटी है।
एम्स के डॉक्टरों ने क्या कहा
आरोप लगा कि पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप के बाद हत्या कर दी गई है। इस मामले की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। कहा जा रहा है कि विशेष जांच टीम (SIT) अब तक एम्स (AIIMS) के मेडिकल बोर्ड को पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाई है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि अधूरे कागजों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना न तो वैज्ञानिक है और न ही नैतिक। एम्स के फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा केवल एक कागज देखकर नहीं की जा सकती। इसके लिए इलाज से लेकर मौत तक की पूरी मेडिकल चेन जरूरी होती है, जो अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।