1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. ओटीटी
  4. Aahat से भी पहले आया हॉरर शो, रात के 11 बजते ही टीवी से आने लगती थी चीखें, डर के मारे दर्शकों के खड़े हो जाते थे रोंगटे

Aahat से भी पहले आया हॉरर शो, रात के 11 बजते ही टीवी से आने लगती थी चीखें, डर के मारे दर्शकों के खड़े हो जाते थे रोंगटे

 Written By: Priya Shukla
 Published : Jan 24, 2026 06:30 pm IST,  Updated : Jan 24, 2026 06:30 pm IST

एक समय था जब भारत में बस दूरदर्शन का राज था। इस दौरान कई ऐसे टीवी शोज आए, जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर राज किया। और आपको जानकर हैरानी होगी की हॉरर शोज की शुरुआत भी दूरदर्शन से ही हुई थी।

horror show- India TV Hindi
1989 में आया हॉरर शो। Image Source : INSTAGRAM/@RETRO_HINDI_TV

आज के समय में ओटीटी से लेकर टीवी तक में 24x7 मनोरंजन की भरमार है। हर तरह का कॉन्टेंट मौजूद है। लेकिन, एक समय था जब मनोरंजन का एकमात्र साधन दूरदर्शन हुआ करता था। उस दौर में पूरा परिवार साथ देखकर टीवी धारावाहिक और फिल्में देखता था। दूरदर्शन और 80 के दशक के सुनहरे दौर की चर्चा होते ही रामायण, महाभारत जैसे टीवी शोज फैंस को याद आ जाते हैं। लेकिन, इसी दौरान एक हॉरर शो ने भी टीवी पर दस्तक दी थी, जिसके शुरू होते ही हर घर में बस डर का माहौल होता था। यही वो शो था, जिसने भारतीय टेलीविजन पर हॉरर कंटेंट का आगाज किया था। इस सीरियल ने 'आहट' से भी पहले टीवी पर दस्तक दी थी। ये धारावाहिक दूरदर्शन पर आने वाला मशहूर हॉरर शो 'किले का रहस्य' था, जिसने टीवी की दुनिया में हॉरर शोज की शुरुआत की थी।

टीवी का पहला हॉरर शो

दूरदर्शन पर इस हॉरर शो यानी 'किले का रहस्य' की शुरुआत 1989 में हुई थी। ये शो हफ्ते में एक ही दिन आता था और इसी के साथ आने वाले एपिसोड को लेकर एक सस्पेंस छोड़ जाता था। ऐसे में बस दर्शकों को आने वाले हफ्ते का इंतजार रहता था और बस हर कोई यही सोचता था कि आगे क्या होगा। किले का रहस्य में मशहूर एक्टर और राइटर पीयूष मिश्रा लीड रोल में नजर आए थे और इसमें उनके साथ वीरेंद्र सक्सेना भी अहम रोल में थे और उस दौर में इस शो को काफी पसंद किया गया था।

किले का रहस्य की कहानी

दूरदर्शन के इस पॉपुलर शो में एक शापित और सुनसान किले की कहानी थी, जिसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां थीं। इस किले को भुतहा बताया जाता था और कहा जाता था कि इस किले के अंदर जो भी जाता है, उसकी पीठ पर इंसानी हाथों के छाप आ जाते हैं और इसके बाद उस इंसान का अंत बहुत ही चौंकाने वाला और डरावना होता है। ये हॉरर शो दूरदर्शन पर रात 11 बजे आता था और देखने वालों में डर का माहौल होता था। ये एक ऐसा शो था जिसे दर्शक न तो देखे बिना रह पाते थे और देखते-देखते भी हालत पतली ही रहती थी। बेतहाशा डर के बाद भी दर्शक इसके आने वाले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते थे।

आईएमडीबी रेटिंग भी है शानदार

80 के दशक के इस हिट शो में पीयूष मिश्रा लीड रोल में थे। उनके अलावा इस शो में वीरेंद्र सक्सेना भी अहम भूमिका में थे। इस शो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे आईएमडीबी पर 8.9 की तगड़ी रेटिंग मिली है। हॉरर शो की कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आखिरी में एक ऐसा ट्विस्ट आता है, जिसने सबको चौंका दिया था। इस धारावाहिक की यादें आज भी उन दर्शकों के दिलों में जिंदा है, जिन्होंने 80 के दशक में इसे देखा और एंजॉय किया।

ये भी पढ़ेंः 37 साल पहले बनी रजनीकांत-शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म, अब होगी रिलीज, इस वजह से नहीं हो पाई थी पूरी

1997 में 'बॉर्डर' नहीं देख पाया था 'बॉर्डर 2' का ये स्टार, आर्थिक तंगी बनीं बेड़ियां, परिवार के हालात पर छलका दर्द

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। OTT से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन