नई दिल्ली: इन दिनों राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर इलाके में काफी ज्यादा डस्ट दिखाई दे रही है। डस्ट की वजह से आसमान में विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है और पॉल्यूशन लेवल भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को दिन के दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली में लगातार हो रहे इन बदलावों को लेकर मौसम वैज्ञानिक महेश पालावत ने पूरी जानकारी दी। आइये जानते हैं कि मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा।
दिल्ली में डस्ट बढ़ने की वजह के बारे में बताते हुए मौसम वैज्ञानिक महेश पालावत ने कहा कि इस महीने 5 से 6 तारीख के बीच हवाएं पश्चिमी दिशा से चल रही थीं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे रही थी। तेज हवाओं की वजह से बलूचिस्तान, सेंट्रल पाकिस्तान और राजस्थान से धूल भरी हवा चली। इस वजह से राजधानी दिल्ली और एनसीआर के आसमान में इस तरीके के हालात बने हैं।
ईरान में जारी युद्ध के दौरान रिफाइनरी से उठने वाली आग और धुएं से एसिड रेन का खतरा बढ़ गया है। इस बात को लेकर मौसम वैज्ञानिक महेश पालावत ने कहा कि ईरान में जो बमबारी हुई फिर धुआं उठा और बादलों में चला गया, उसकी वजह से एसिड रेन हुई है लेकिन ये केवल तेहरान के आसपास ही हुई। इसका असर भारत के ऊपर आने की संभावना न के बराबर है। क्योंकि ईरान से भारत की दूरी ढाई से 3000 किलोमीटर है। जब हवाएं लगातार पश्चिम दिशा से चलती रहेंगी तो ही वह भारत आ सकता है, लेकिन हवाओं की डायरेक्शन विपरीत है वो धुंआ यहां नहीं पहुंचेगा। वह चीन और रूस की तरफ जाएगा।
वहीं उत्तर भारत में अचानक से बढ़ी गर्मी को लेकर मौसम वैज्ञानिक महेश पालावत ने कहा कि आसमान में मौजूद पोल्यूटेंट सन की एनर्जी को भी रोक देते हैं, जिसकी वजह से कुछ दिनों से अचानक से गर्मी बढ़ने लगी है। दिल्ली एनसीआर में टेंपरेचर 35 डिग्री के ऊपर है, जो कि एवरेज नॉर्मल से 6-7 डिग्री ज्यादा है। आने वाले दिनों में दिल्ली में तापमान 40 डिग्री के ऊपर जा सकता है।
यह भी पढ़ें-
संपादक की पसंद