बीते कल यानी 16 फरवरी को जेईई मेन्स 2026 सेशन 1 के परिणाम को जारी कर दिया गया। इसमें दिल्ली के श्रेयस मिश्रा ने टॉप किया है। श्रेयस के मुताबिक, "मैथ्स के प्रति मेरे लगाव ने मुझे JEE Main की तरफ खींचा। मैंने रोजाना आठ से नौ घंटे पढ़ाई की और अपने इंस्टीट्यूट से मिले स्टडी मटीरियल पर फोकस किया।" 17 साल के श्रेयस ने यह कामयाबी अपने पहले ही प्रयास में हासिल की। टॉपर ने कहा, "पिछले दो-तीन सालों से, मैंने खुद को पूरी दुनिया से दूर रखा और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया। मैंने तैयारी पर फोकस करने के लिए अपने दोस्तों से नाता तोड़ लिया और सोशल मीडिया छोड़ दिया।"
एग्जाम से कुछ दिन पहले, श्रेयस ने मॉक टेस्ट और पिछले सालों के पेपर्स को हल करने पर अपना फोकस किया। टॉपर ने कहा, "अपने डेली स्टडी रूटीन के अलावा, मैंने रोज एक या दो मॉक टेस्ट किए और पिछले सालों के पेपर्स की प्रैक्टिस की, जिससे मुझे पेपर पैटर्न और टाइम मैनेजमेंट की आदत हो गई।" श्रेयस अब JEE एडवांस्ड देंगे और उसकी तैयारी कर रहे हैं। "मेरा अगला गोल JEE एडवांस्ड में अच्छी रैंक लाना है। अगर JEE नहीं, तो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु से मैथ्स करूंगा।"
कुलाची हंसराज DAV स्कूल, रोहिणी के स्टूडेंट श्रेयस इस साल क्लास 12 की बोर्ड परीक्षा देंगे। टॉपर ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि CBSE 12वीं में अच्छे नंबर आएंगे।"
श्रेयस के पिता अपने बेटे की परफॉर्मेंस से बहुत खुश थे। उनके पिता ने कहा, "मेरे बेटे के डेडिकेशन ने उसे यह कामयाबी हासिल करने में मदद की। हम उसके करियर को बनाने में मोरल सपोर्ट देते हैं।" उनके पिता सुमंत मिश्रा एक साइबर सिक्योरिटी कंसल्टेंट हैं और माँ एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
बता दें कि जेईई मेन्स 2026 सेशन 1 के परिणाम में कुल 12 कैंडिडेट्स ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं, जिनमें से एक श्रेयस हैं। कुल 12 में अकले तीन राजस्थान से हैं, जिनके नाम कबीर छिल्लर, चिरंजीब कर और अर्णव गौतम हैं और बाकी, आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र से हैं।
इस वर्ष 100 पर्सेंटाइल स्कोरर की लिस्ट में एक भी लड़की अपनी जगह नहीं बना पाई। लड़कियों में आशी गिरेवाल ने टॉप किया है, जो कि हरियाणा से हैं। हरियाणा की आशी गिरेवाल ने 99.9969766 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं।
संपादक की पसंद