बॉलीवुड की एक सिंगर ऐसी भी हैं जिन्होंने 500 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज से सजाया है। प्यार के लिए तमाम सीमाएं तोड़कर 4 बच्चों के पिता संग घर बसाया और संगीत जगत के दिग्गजों के साथ नाम कमाया। उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, सचिन देव बर्मन, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी जैसे महान गायकों और संगीतकारों के साथ काम किया। अपने सिंगिंग के 50 साल के करियर में हिंदी, बंगाली, कन्नड़, भोजपुरी और तेलुगु सहित 45 से अधिक भाषाओं में 5 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। ये सिंगर कोई और नहीं बल्कि कविता कृष्णमूर्ति हैं। आज उनका 68वां जन्मदिन है और इस खास मौके पर हम जानते हैं उनकी जिंदगी की कहानी।
1976 में शुरू किया था करियर
कविता कृष्णमूर्ति की अनूठी आवाज दशकों से श्रोताओं के दिलों को छू रही है। उन्होंने 1976 में प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। गायिका का जन्म एक तमिल परिवार में हुआ था। कविता के पिता शिक्षा मंत्रालय में कार्यरत थे। उनकी मौसी ने उन्हें संगीत के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रवींद्र संगीत सीखना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने गायक बलराम पुरी से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। 8 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कविता कृष्णमूर्ति ने अपना पहला गीत 1976 में आई फिल्म 'कादंबरी' के लिए रिकॉर्ड किया जिसका संगीत विलायत खान ने तैयार किया था। मूल गीत लता मंगेशकर ने गाया था और फिल्म में शबाना आजमी पर फिल्माया गया था। कविता कृष्णमूर्ति ने संगीतकार लक्ष्मीकांत के लिए डबिंग आर्टिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी गायिकाओं के लिए गाने रिकॉर्ड किए और डेमो ट्रैक बनाए।
बिना शादी के रहने का किया था फैसला
कविता कृष्णमूर्ति ने कभी शादी के बारे में नहीं सोचा था। गायिका का मानना था कि वह हमेशा अविवाहित ही रहेंगी। हालांकि श्री सत्य साई बाबा ने एक बार उनसे कहा था, 'संगीत के माध्यम से तुम्हारी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से होगी, जिससे तुम शादी करोगी। यह निश्चित है।' सत्य साई बाबा की भविष्यवाणी सच हुई। उनकी मुलाकात वायलिन वादक और संगीतकार एल सुब्रमण्यम से हुई। दोनों ने एक गाने के लिए साथ काम किया। फिर उनके बीच की दूरी कम होने लगी। एल सुब्रमण्यम चार बच्चों के पिता थे। अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद वह अकेले ही अपना जीवन चलाने की कोशिश कर रहे थे। जब सुब्रमण्यम किसी कार्यक्रम में गए तो कविता का उनके बच्चों के साथ गहरा लगाव हो गया और उन्होंने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। दोनों का विवाह 11 नवंबर 1999 को हुआ।
बीमारी के बाद भी नहीं छूटी गायकी
हेल्थ शॉट्स को दिए एक साक्षात्कार में कविता कृष्णमूर्ति ने बताया कि वह पिछले 30 से 35 वर्षों से सर्दी-जुकाम और साइनस की समस्या से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे साइनस से संबंधित समस्याएं हैं। कभी-कभी अस्थमा से भी परेशानी होती है, लेकिन मैंने कभी गायन छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे मैंने कई बार लड़ा है और हर बार विजयी रही हूं। मैं ईश्वर की आभारी हूं।' आज उनके जन्मदिन पर लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी है। साथ ही उनके बेहतरीन गानों को भी याद किया है।
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