Happy Birthday Sonu Sood: साउथ फिल्म इंडस्ट्री से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले सोनू सूद आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। वहीं आज सोनू सूद के जन्मदिन पर फैंस उनके लिए केक लेकर पहुंचे थे। जिसके बाद सोनू सूद ने फैंस के साथ अपना जन्मदिन मनाया और फैंस को अपने हाथों से केक खिलाया। सोनू सूद लाखों दिलों की धड़कन हैं। कोरोना काल में लोगों की सबसे ज्यादा मदद करने वाले सोनू सूद आज लोगों के बीच मसीहा भी बन चुके हैं। चालिए आज जानते हैं एक्टर के पर्सनल से लेकर प्रोफेशनल जिंदगी के बारे में कुछ खास बातें।
कोरोना काल में सबके लिए मसीहा बने सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई को पंजाब के मोगा में हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग में अपना ग्रेजुएशन किया था। सोनू को बचपन से ही मॉडलिंग का शौक था। सोनू सूद ने अपने करियर में कई फिल्में की हैं। उन्होंने अपनी पहली फिल्म तमिल भाषा में की थी। इस फिल्म का नाम कलजघर था। तमिल के बाद उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री की ओर रुख किया था और आज वह एक सफल एक्टर हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान सोनू ने बताया कि वो महज 5500 रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे जो उन्होंने खुद इकट्ठा किए थे। यहां आकर सोनू ने सबसे पहले 400 रुपए फिल्मसिटी पहुंचने में गंवा दिए। सोनू को लगता था कि अगर वो फिल्मसिटी में घूमते रहेंगे तो किसी ना किसी निर्देशक और प्रोड्यूसर की उन पर नजर पड़ेगी और उन्हें फिल्मों में काम मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 3 लोगों के साथ एक कमरा शेयर करते हुए सोनू गरीबी में गुजारा किया करते थे, उन्हें जब भी ऑडीशन का कॉल आता तो उनके साथ लाइन में 200 से ज्यादा लोग ऑडीशन देने के लिए खड़े होते थे जहां उन्हें सिर्फ रिजेक्शन झेलना पड़ता था।
Deepika Padukone का हाथ थामे रैंप पर चल रहे थे Ranveer Singh, इन दो महिलाओं को देखते ही छोड़ा साथ
सोनू को बेस्ट विलेन एक्टर के लिए नंदी अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके साथ ही साल 2012 में उन्हें बेस्ट विलेन SIIMA अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। सोनू सूद ने पृथ्वीराज में भी अपने किरदार और अपने काम से फैंस का दिल जीत है। वहीं, एक विवाह ऐसा भी से सोनू ने घर-घर में अपनी जगह बना ली।
कोरोना काल में सोनू सूद ने लाखों लोगों की मदद की थी। लाखों लोगों की जान बचाई थी। कोरोना काल में किसी की भी कैसी भी समस्या हो, सोनू सूद तक बात पहुंची तो उन्होंने उस समस्या को दूर किया। सोनू ने सोशल मीडिया के जरिए दुनियाभर में जहां कही भी लोगों ने मदद की गुहार लगाई उन्होंने हर तरह से उन लोगों की मदद की। लोग अपने नवजात बच्चे का नाम सोनू रख रहे थे तो कोई उनकी पूजा करने लगा था। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो अपने शरीर पर सोनू का टैटू ही बनवा लिया था।
संपादक की पसंद