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जब राजेश खन्ना बने नए-नए सुपरस्टार, इस एक्टर का उड़ने लगा था मजाक, आकर पूछते थे लोग- 'भीड़ कहां है?'

Written By: Priya Shukla Published : Aug 28, 2025 12:17 pm IST, Updated : Aug 28, 2025 12:17 pm IST

राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में जो स्टारडम देखा, वह किसी स्टार को नसीब नहीं हुआ। उनका यही स्टारडम एक समय पर कई स्टार्स के लिए मुश्किल का सबब बन गया था। बड़े-बड़े एक्टर्स को ताने मिलने लगे थे।

Rajesh Khanna- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/@TWINKLERKHANNA राजेश खन्ना।

हिंदी सिनेमा में 50-60 के दशक में राज कपूर, देव आनंद और दिलीप तिवारी जैसे सितारों का राज था और फिर 60-70 के दशक में शम्मी कपूर ने अपने अभिनय और जुदा अंदाज से लोगों को दीवाना बनाया। लेकिन, जैसे ही राजेश खन्ना ने एंट्री ली, शम्मी कपूर का जादू फीका पड़ने लगा। जो लोग पहले शम्मी कपूर के दीवाने थे वो अब राजेश खन्ना के बंगले 'आशीर्वाद' के बाहर इकट्ठे होने लगे थे। हाल ही में आशीष विद्यार्थी ने शम्मी कपूर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया और बताया कि कैसे एक समय पर जब लोग राजेश खन्ना सुपरस्टार बनकर उभर रहे थे लोग शम्मी कपूर को ताना देने लगे थे।

जब शम्मी कपूर को ताना मारने लगे लोग

सिद्धार्थ कनन से बातचीत के में आशीष विद्यार्थी ने राजेश खन्ना के ऊंचे होते दर्जे और शम्मी कपूर की घटती फैन फॉलोइंग पर बात की और शम्मी कपूर उन शब्दों को याद किया जो उनके लिए एक बड़ा सबक बन गए। उन्होंने बताया कि खुद शम्मी कपूर ने उनसे इस बात का जिक्र किया था और बताया था कि कैसे राजेश खन्ना के हीरो बनते ही लोग उन्हें खुलआम ताने मारने लगे थे।

आशीष विद्यार्थी ने सुनाया शम्मी कपूर से जुड़ा किस्सा

आशीष विद्यार्थी ने शम्मी कपूर से जुड़ा किस्सा याद करते हुए कहा, 'शम्मी कपूर जी ने मुझसे कई साल पहले एक बात कही थी। ये तब की बात है, जब मैं शारजाह में एक सीरियल 'दास्तान' की शूटिंग कर रहा था। इसी दौरान शम्मी कपूर जी वहां आए, वह 'चट्टान' की शूटिंग के लिए एक प्रोड्यूसर के साथ आए थे। एक दिन, अचानक ही उन्होंने मुझे एक सलाह दी। उन्होंने मुझसे कहा, 'बेटा एक बाद याद रखना, इस इंडस्ट्री के लोग तुम्हारी हवा निकाल देंगे। जब मेरा स्टारडम कम होने लगा तो लोग मुझसे कहने लगे- 'क्या हुआ शम्मी जी, आजकल भीड़ कहां है?' मैंने जवाब दिया, 'बेटा, आजकल भीड़ आशीर्वाद (राजेश खन्ना का बंगला) के बाहर है।'

आशीष विद्यार्थी के साथ हमेशा के लिए रह गए शम्मी कपूर के शब्द

आशीष विद्यार्थी बताते हैं कि शम्मी कपूर के ये शब्द हमेशा के लिए उनके साथ रह गए। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा- 'शम्मी जी मुझे ये समझाना चाहते थे कि लोग एक दिन तुम्हारा साथ भी छोड़ देंगे। जो लोग आज तुम्हारी तारीफ करते हैं, वही तुम्हारा समय ढलने पर तुमसे दूर चले जाएंगे और एक दिन तुम अकेले रह जाओगे। तुम्हें तुम्हारी किस्मत ने सफलता दिलाई है तो इस पल का जश्न मनाओ, लेकिन एक बाद हमेशा दिमाग में रखो कि ये हमेशा के लिए नहीं है।'

शम्मी कपूर की चर्चित फिल्में

बता दें, 60 के दशक में शम्मी कपूर सबसे लोकप्रिय सितारों में से थे। उनके डांस और स्टाइल को लोग खूब पसंद करते थे। अपने करियर में उन्होंने 'कश्मीर की कली' (1964), 'प्रोफेसर' (1962), 'एन इवनिंग इन पेरिस' (1967), 'ब्रह्मचारी' (1968) और 'तीसरी मंजिल' (1966) जैसी सुपरहिट फिल्में दीं और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।

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