सभी फिल्में एक जैसी नहीं होतीं। कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिनकी शुरुआत तो बहुत ही सरल और शांत अंदाज में होती हैं, लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, यह डर और रोमांच का ऐसा मंजर सामने लाकर रख देती हैं कि दिमाग कुछ भी कहने, समझने के हाल में नहीं होता। कुछ ऐसी ही कहानी पर बनी है यह साइंस फिक्शन-हॉरर फिल्म। साल 2025 में रिलीज यह फिल्म मूल रूप से तेलुगू में बनी है, लेकिन आप इसे OTT पर हिंदी में भी देख सकते हैं। फिल्म में दो कहानियां हैं, जो एकसाथ चलती हैं। एक मछुआरा है, झील किनारे बसा उसका शांत गांव है और वो खौफनाक घटनाएं हैं, जो कई बार आपको पलक झपकने का मौका नहीं देती। फिल्म का नाम भी इसी कहानी की तरह है- नॉट ऑल मूवीज आर द सेम: डुअल।
IMDb पर धांसू रेटिंग
IMDb पर Not All Movies Are the Same: Dual को 8.5 रेटिंग मिली है। लेकिन बात सिर्फ इतनी नहीं है। सगीराजू सुरेश के डायरेक्शन में बनी इस तेलुगू फिल्म को दर्शकों ने लीक से हटकर सोच, शानदार स्क्रीनप्ले और कसी हुई कहानी के कारण खूब सराहा है। इसे हाल के समय की सबसे अच्छी थ्रिलर फिल्म बताया गया है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में ऐसे ट्विस्ट हैं, जो आपको शुरू से आखिर तक बांधे रखते हैं।
'कुछ राज झील की गहराई में ही दबे रहें तो बेहतर है'
'नॉट ऑल मूवीज आर द सेम: डुअल' की खास बात ये है कि इसमें दो अलग-अलग कहानियां हैं, जो असल में एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसमें डर है, सनकीपन है, किरदारों के अजीब फैसले हैं। फिल्म में रोशनी अरविंदाक्षण, रघु वर्धन कल्लेम और खुशी पिल्लला प्रमुख भूमिकाओं में हैं। बीते हफ्ते जब इसे OTT पर रिलीज किया गया, तब इसका ऐलान करते हुए पोस्ट में लिखा था, 'कुछ राज़ झील की गहराई में ही दबे रहें तो बेहतर है। लेकिन जब ऐसा नहीं होता, तो अफरा-तफरी मच जाती है।'
'नॉट ऑल मूवीज आर द सेम: डुअल' की कहानी
'नॉट ऑल मूवीज आर द सेम: डुअल' साइंस फिक्शन को हॉरर को एकसाथ मिलाती है। डायरेक्टर ने कहानी की सेटिंग सिंपल रखी है। लेकिन रोमांच भरपूर है। फिल्म की कहानी का ज्यादातर हिस्सा एक शांत झील के किनारे बसे गांव का है। यह फिल्म दो कहानियां दिखाती है, जो पर्दे पर साथ-साथ चलती हैं। एक में, एक जवान आदमी है, जिसने अपना सब कुछ खो दिया है। वह खुद को ज़ॉम्बी से भरी एक समांतर दुनिया में फंसा हुआ पाता है। उसे जिंदा रहना है, तो लड़ना होगा। लेकिन साथ ही उसे यह भी समझने की कोशिश करनी होगी कि आखिर वह वहां पहुंचा कैसे, और क्या वहां से बाहर निकलने का कोई रास्ता है?
मछुआरे को मिला पैसों से भरा बैग
दूसरी कहानी में एक मछुआरा है, जिसे गांव के उसी झील के पास पैसों से भरा एक बैग मिलता है। यह उसकी किस्मत बदल सकता है। ढेर सारे पैसों को पाकर वह सपने सजाने लगता है। लेकिन जल्द ही यह एक बुरा सपना बन जाता है। उसके साथ अजीब और डरावनी घटनाएं होने लगती हैं। फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू वो है, जब ये दोनों कहानियां आपस में जुड़ती हैं। कहानी के दोनों किरदार ऐसे फैसले लेते हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता।
विजुअल्स और बैकग्राउंड स्कोर की भी हुई तारीफ
फिल्म की खास बात यह भी है कि इसमें उभरते हुए नए कलाकारों का ग्रुप है। वल्लभ तेजा, रघु वर्धन कल्लेम, रोशनी अरविंदाक्षण, रेक्सन राज, सौंदर्या रामदास, अक्षज सगीराजू और वल्लभापुरम पवन तेजा, इन सब के किरदार कहानी में गहराई लाते हैं। विजुअल्स माहौल बनाते हैं। कैमरा वर्क और बैकग्राउंड म्यूजिक, आपको अकेलापन, डर और खतरे के आने से पहले रोमांचित कर देता है।
'नॉट ऑल मूवीज आर द सेम: डुअल' OTT पर कहां देखें
Not All Movies Are the Same: Dual आप Prime Video और Lionsgate Play पर अपनी पसंदीदा भाषा में देख सकते हैं। यह फिल्म तेलुगू, हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में स्ट्रीम हो रही है।
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