Saturday, February 21, 2026
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Chanakya Niti: आपकी तरक्की की दुश्मन हैं ये चार आदतें, कहीं आप भी तो नहीं इनका शिकार

Naveen Khantwal Written By: Naveen Khantwal Published : Aug 15, 2025 10:07 pm IST, Updated : Aug 15, 2025 10:07 pm IST
  • आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिए कई शिक्षाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि किन आदतों की वजह से व्यक्ति अपना ही नुक्सान कर सकता है। ये आदतें आपकी तरक्की की दुश्मन होती हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में।
    Image Source : Instagram/chanakyamotivation
    आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिए कई शिक्षाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि किन आदतों की वजह से व्यक्ति अपना ही नुक्सान कर सकता है। ये आदतें आपकी तरक्की की दुश्मन होती हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में।
  • आचार्य चाणक्य के अनुसार, बिना मांगे कभी भी किसी को सलाह नहीं देनी चाहिए। आपमें भी अगर ये आदत है तो मुंह के सामने भले ही लोग आपकी बात सुन लें पीठ पीछे आपकी बुराई ही करते हैं। बिना मांगे सलाह देने वालों में एक तरह का उतावलापन भी देखा जाता है जो उनको समाज और करियर के क्षेत्र में नीचे की ओर धकेलता है। इसलिए यह आदत आपको बदल देनी चाहिए।
    Image Source : Freepik
    आचार्य चाणक्य के अनुसार, बिना मांगे कभी भी किसी को सलाह नहीं देनी चाहिए। आपमें भी अगर ये आदत है तो मुंह के सामने भले ही लोग आपकी बात सुन लें पीठ पीछे आपकी बुराई ही करते हैं। बिना मांगे सलाह देने वालों में एक तरह का उतावलापन भी देखा जाता है जो उनको समाज और करियर के क्षेत्र में नीचे की ओर धकेलता है। इसलिए यह आदत आपको बदल देनी चाहिए।
  • अगर आप बस अपनी ही बड़ाई करते रहते हैं खुद से बेहद किसी को नहीं समझते हैं, तो आचार्य चाणक्य के अनुसार ये आपकी समझदारी नहीं मुर्खता है। हमेशा अपने बड़ाई करने वाले लोगों से कोई नजदीकी नहीं बनाता। ऐसे लोगों पर अन्य लोग विश्वास भी नहीं करते और इनकी सहायता के लिए भी लोग आगे नहीं आते। इसकी वजह से उन्नति प्राप्त करने में इनको दिक्कतें आ सकती हैं।
    Image Source : Freepik
    अगर आप बस अपनी ही बड़ाई करते रहते हैं खुद से बेहद किसी को नहीं समझते हैं, तो आचार्य चाणक्य के अनुसार ये आपकी समझदारी नहीं मुर्खता है। हमेशा अपने बड़ाई करने वाले लोगों से कोई नजदीकी नहीं बनाता। ऐसे लोगों पर अन्य लोग विश्वास भी नहीं करते और इनकी सहायता के लिए भी लोग आगे नहीं आते। इसकी वजह से उन्नति प्राप्त करने में इनको दिक्कतें आ सकती हैं।
  • जो लोग खुद को बहुत ज्ञान मानते हैं और दूसरों को कम आंकते हैं उन्हें भी आसानी से उन्नति नहीं मिलती। ऐसे लोगों की एक अलग ही दुनिया होती है, जिसमें वो उन्हीं लोगों को आने देते हैं जो इन्हें ज्ञानी मानते हों। अपने ज्ञान का बखाने करने की आदत को भी आचार्य चाणक्य गलत मानते हैं।
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    जो लोग खुद को बहुत ज्ञान मानते हैं और दूसरों को कम आंकते हैं उन्हें भी आसानी से उन्नति नहीं मिलती। ऐसे लोगों की एक अलग ही दुनिया होती है, जिसमें वो उन्हीं लोगों को आने देते हैं जो इन्हें ज्ञानी मानते हों। अपने ज्ञान का बखाने करने की आदत को भी आचार्य चाणक्य गलत मानते हैं।
  • आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दूसरों का अपमान या आलोचना करने की आदत भी अच्छी नहीं होती। दूसरों का अपमान करने का गुण आपको दुनिया की नजरों में गिरा सकता है। यह बुराई आपकी उन्नति में बहुत बड़ी बाधक बन सकती है।
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    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दूसरों का अपमान या आलोचना करने की आदत भी अच्छी नहीं होती। दूसरों का अपमान करने का गुण आपको दुनिया की नजरों में गिरा सकता है। यह बुराई आपकी उन्नति में बहुत बड़ी बाधक बन सकती है।