Published : Oct 14, 2025 11:01 pm IST, Updated : Oct 14, 2025 11:02 pm IST
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भारत और मंगोलिया के बीच रिश्ते न सिर्फ कूटनीतिक हैं, बल्कि दिल से दिल तक जुड़े आध्यात्मिक बंधन हैं। मंगोलिया के राष्ट्रपति हुरेलसुख उखना की 4 दिवसीय भारत यात्रा के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात ने दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत किया। इस मुलाकात में कई अहम फैसले लिए गए, जो दोनों मुल्कों की तरक्की और सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगोलिया के राष्ट्रपति हुरेलसुख उखना के साथ दिल्ली में व्यापक बातचीत की। इस साल दोनों देश अपनी कूटनीतिक साझेदारी के 70 साल और रणनीतिक भागीदारी के 10 साल मना रहे हैं। मोदी ने कहा, 'हमारी साझेदारी की गहराई और दायरा हमारे लोगों के बीच संबंधों में परिलक्षित होता है।' राष्ट्रपति उखना की यह पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के लिए खास मौका लेकर आई है।
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PM मोदी ने कहा कि मंगोलिया की विकास गाथा में भारत एक 'दृढ़ और विश्वसनीय' साझेदार रहा है। भारत की 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता से मंगोलिया में बन रही तेल रिफाइनरी परियोजना इस दोस्ती का बड़ा उदाहरण है। यह परियोजना मंगोलिया की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी। 2500 से ज्यादा भारतीय पेशेवर इस प्रोजेक्ट में मंगोलियाई साथियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह भारत की सबसे बड़ी वैश्विक विकास साझेदारी परियोजना है।
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भारत और मंगोलिया को बौद्ध धर्म की साझा विरासत जोड़ती है। PM मोदी ने कहा,'सदियों से दोनों देश बौद्ध धर्म के सिद्धांतों से बंधे हुए हैं, यही कारण है कि हमें आध्यात्मिक सहोदर भी कहा जाता है।' अगले साल भगवान बुद्ध के दो महान शिष्यों सारिपुत्र और मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेष मंगोलिया भेजे जाएंगे। साथ ही, गंदन बौद्ध मठ में संस्कृत शिक्षक भेजा जाएगा, ताकि वहां के बौद्ध ग्रंथों का गहरा अध्ययन हो सके।
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दोनों देशों ने 10 लाख प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल करने की परियोजना शुरू करने का फैसला किया। नालंदा विश्वविद्यालय और मंगोलिया के गंदन मठ के बीच सहयोग से इस ऐतिहासिक रिश्ते में नई ऊर्जा आएगी। मोदी ने ट्वीट में कहा, 'सांस्कृतिक बंधन भारत-मंगोलिया की दोस्ती का आधार हैं। हमने पवित्र अवशेष भेजने, गंदन मठ में संस्कृत पढ़ाई को बढ़ावा देने और पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण जैसे अहम फैसले लिए हैं।'
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PM मोदी और उखना की बातचीत में ऊर्जा, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि और डेरी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। मोदी ने कहा, 'हमारा निजी क्षेत्र ऊर्जा, खनन, डिजिटल, कृषि और सहकारिता जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं तलाश रहा है।' मंगोलिया के राष्ट्रपति ने स्वच्छ ऊर्जा में भारत की अगुवाई, खासकर अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, की तारीफ की।
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भारत ने मंगोलिया के नागरिकों के लिए मुफ्त ई-वीजा की घोषणा की, जिससे दोनों देशों के लोगों का आना-जाना आसान होगा। इसके अलावा, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद और मंगोलिया के आर-खांगाय प्रांत के बीच समझौता ज्ञापन हुआ है। यह सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा करेगा। मोदी ने कहा, 'हमारे संबंध दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच विश्वास और मैत्री की ठोस नींव पर टिके हैं।' प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयों को छुएगी।
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भारत और मंगोलिया के कूटनीतिक रिश्तों की 70वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति हुरेलसुख उखना ने मिलकर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया। यह टिकट भारत के पारंपरिक रंगमंच रामलीला और मंगोलिया के बियेल्गी नृत्य को दर्शाता है। यह सांस्कृतिक बंधन और दोनों देशों की गहरी दोस्ती का प्रतीक है, जो आपसी विरासत को मजबूत करता है।