वडोदरा: वडोदरा में गणेश प्रतिमा पर अंडे फेंकने वाले युवकों का वडोदरा शहर पुलिस ने जुलूस निकाला है। इस घटना पर आरोपियों ने माफी भी मांगी है। वडोदरा के पानीगेट इलाके में गणेश प्रतिमा पर अंडे फेंकने की घटना के बाद, पुलिस ने दोनों आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकाला और उनसे माफी मंगवाई है।
यह घटना मंजलपुर गणेश मंडल की श्रीजी की प्रतिमा स्थापना के दौरान हुई। देर रात करीब 2:30 बजे पानीगेट के पास मदार मार्केट के पास कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतिमा पर अंडे फेंके। इस घटना से गणेश मंडलों में भारी रोष फैल गया।
इस घटना के बाद, पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की। कुछ ही घंटों में पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया और एक नई प्रतिमा की व्यवस्था भी कर दी। आरोपियों की पहचान सूफियान मंसूरी और शाह नवाज उर्फ बदबाद कुरैशी के रूप में हुई है।
पुलिस ने आज इन दोनों आरोपियों को उनके ही इलाके, वादी के खानगाह मोहल्ले में सार्वजनिक रूप से परेड कराई। उनके हाथ रस्सियों से बंधे हुए थे। इस जुलूस के दौरान, दोनों आरोपियों ने हाथ जोड़कर अपने किए की माफी मांगी।
इस घटना के बाद गणेश मंडलों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी रोष फैल गया। लेकिन पुलिस ने तुरंत आरोपियों को ढूंढ निकाला और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिससे मामला शांत हुआ और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
पिछले कई वर्षों से वडोदरा में गणेशोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाता रहा है। विसर्जन जुलूस के दौरान भी शांति बनी रहती है। साथ ही, कुछ जगहों पर सांप्रदायिक एकता के नज़ारे भी देखने को मिलते हैं। ऐसे समय में अचानक हुई इस घटना से पुलिस भी स्तब्ध रह गई। इस घटना के बाद, तुरंत मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने 12 अलग-अलग टीमें बनाईं। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के ज़रिए आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की गई।
मंगलवार रात को, सिर्फ़ 10 से 15 लोग बिना कोई शोर मचाए शांतिपूर्वक मूर्ति ले जा रहे थे। तभी असामाजिक तत्वों ने अंडे फेंककर पुलिस को चुनौती दी। जुलूस के दौरान जिन इमारतों से अंडे फेंके गए थे, उनकी लाइटें बंद कर दी गईं और इलाके में सन्नाटा छा गया।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि इस घटना में 7 से 8 नाबालिग भी शामिल थे। साथ ही, दो से तीन वयस्क भी थे। लोगों की मांग है कि इस तरह मूर्ति पर अंडे फेंककर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और एक मिसाल कायम की जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। (इनपुट: वडोदरा से सत्यम नेवासकर)
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