SIT On Teesta Sitalvad: गुजरात दंगों को लेकर SIT ने बड़ा खुलासा किया है। इसमें कहा गया है कि तीस्ता सीतलवाड़ ने तत्कालीन गुजरात सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्षी पार्टी के साथ मिलकर साजिश रची थी। इसमें कई मासूम लोगों और सरकारी अथॉरिटीज को झूठे तौर पर फंसाया गया। इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी निशाने पर थे। इसमें खुलासा हुआ है कि तीस्ता सीतलवाड़ ने कांग्रेस के बड़े नेता अहमद पटेल के साथ मिलकर साजिश रची। SIT को एक विटनेस ने बताया कि गोधरा ट्रेन हादसे के कुछ दिन बाद अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने उसके हाथों तीस्ता (Teesta Sitalvad) को 5 लाख रुपए नकद भिजवाए थे। इसके 2 दिन बाद ही अहमदाबाद के शाहीबाग सर्किट हाउस में तीस्ता और अहमद पटेल की मीटिंग हुई थी, जिसके बाद उसी विटनेस द्वारा तीस्ता को 25 लाख रुपए और भिजवाए गए।
इस मामले में जो रकम तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Sitalvad) को देने की बात कही जा रही, वह पूरी तरह नकद दी गई। इस रकम का इस्तेमाल किसी तरह के रिलीफ वर्क में नहीं किया गया क्योंकि रिलीफ कैंपस में सारा मैटेरियल रिलीफ कमेटीज के द्वारा पहुंचाया जा रहा था।
गोधरा हादसे के एक हफ्ते बाद तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Sitalvad), आरबी श्रीकुमार और संजीव भट्ट से मिली थीं। जबकि ये दोनों अधिकारी किसी भी कैपेसिटी में रिलीफ वर्क के साथ नहीं जुड़े हुए थे। बाद में ये तीनों अहमद पटेल (Ahmed Patel) के दिल्ली स्थित निवास पर भी कई मीटिंग्स कर चुके थे।
2006 में पाबडारवाड़ा नरकंकाल की खुदाई के लिए कुछ मीडियाकर्मियों को तीस्ता और आरबी श्रीकुमार साथ लेकर गए थे। एक विटनेस के अनुसार तीस्ता (Teesta Sitalvad) ने कहा था कि ये सरकार अब तीन दिन में गिर जाएगी।
हलफनामे में गुजरात दंगों का चेहरा बन चुके कुतुबुदीन अंसारी के बयान का भी हवाला दिया गया है कि कैसे तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Sitalvad) ने उसकी तस्वीर और उसका दुरुपयोग करके उसके नाम को भुनाया और बाद में तंग आकर कुतुबुदीन अंसारी तीस्ता से अलग हो गया।
इसके अलावा हलफनामे में गृह मंत्रालय के हवाले से उन बैंक खातों का ब्यौरा दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि तीस्ता (Teesta Sitalvad) को कितना पैसा विदेशों से मिला और दंगा पीड़ितों के लिए उपयोग में लाने की बजाए उसने इन पैसों को खुद पर खर्च किया।
तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Sitalvad) शबाना आजमी और जावेद अख्तर को राज्यसभा में भेजे जाने से नाराज थीं। जिसके बाद उसे 2007 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
एसआईटी के इस खुलासे पर बीजेपी की तरफ से भी बयान सामने आया है। बीजेपी ने इस खुलासे पर कहा है कि ये साजिश कांग्रेस के इशारे पर रची गई थी क्योंकि वह बीजेपी को अस्थिर करना चाहती थी। नरेंद्र मोदी को सोची समझी साजिश के तहत निशाना बनाया गया था। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के इशारे के बिना ये साजिश संभव नहीं है।
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा कि अहमद पटेल तो बस एक नाम है, जिसकी प्रेरक शक्ति उनकी बॉस सोनिया गांधी थीं। सोनिया गांधी ने अपने मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल (Ahmed Patel) के जरिए गुजरात की छवि खराब करने की कोशिश की। अहमद के माध्यम से सोनिया ने नरेंद्र मोदी का अपमान करने की कोशिश की और वह इस पूरी साजिश के सूत्रधार थे। संबित ने कहा कि हलफनामे ने इस सच्चाई को सामने लाया है कि इन साजिशों को अंजाम देने वाले अहमद पटेल थे।
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