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40 की उम्र के बाद पुरुषों को ज़रूर कराना चाहिए ये मेडिकल टेस्ट, डॉक्टर से जानें क्यों हैं ज़रूरी?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jul 14, 2025 06:30 am IST,  Updated : Jul 14, 2025 06:30 am IST

40 साल की उम्र पार करने के बाद, पुरुषों के शरीर में कई परिवर्तन होने लगते हैं जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में, पुरुषों का अपनी सेहत का खास ख्याल रखना और उसे प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी हो जाता है।

 40 की उम्र के बाद - India TV Hindi
40 की उम्र के बाद Image Source : AI

बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों के जीवन में कई तरह के बदलाव आते हैं। 40 साल की उम्र पार करने के बाद, पुरुषों के शरीर में कई परिवर्तन होने लगते हैं जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में, पुरुषों का अपनी सेहत का खास ख्याल रखना और उसे प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी हो जाता है। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, डॉ. पी वेंकट कृष्णन बता रहे हैं कि इन संभावित जोखिमों को समय रहते पहचाना और प्रबंधित किया जा सकता है। ऐसे में नियमित रूप से कुछ ज़रूरी स्वास्थ्य जांच कराने से बीमारियों का शुरुआती अवस्था में ही पता चल जाता है। यह न केवल समय पर उचित इलाज शुरू करने में मदद करता है, बल्कि आपको एक लंबा, स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने का मौका भी देता है। तो, चलिए जानते हैं कि 40 की उम्र के बाद पुरुषों को किन ज़रूरी जांचों पर ध्यान देना चाहिए

  • दिल की सेहत पर दें ध्यान: बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इसकी नियमित जांच कराते रहना चाहिए। लिपिड प्रोफाइल एक महत्वपूर्ण जांच है, जिसमें कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर पता लगता है। इससे दिल की सेहत पर संभावित खतरे का अनुमान लगाना आसान होता है।

  • डायबिटीज का भी खतरा: बढ़ती उम्र के साथ डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है। कामकाज के तनाव और डायबिटीज के बीच गहरा संबंध देखा गया है। लगातार तनाव लेने की आदत डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकती है, इसलिए नियमित जांच कराते रहना चाहिए, ताकि प्री-डायबिटिक स्तर पर ही समस्या का पता चल सके।

  • किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट: किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट भी सामान्य लेकिन ज़रूरी जांचें हैं। इनसे शरीर में ज़रूरी पोषक तत्वों से लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिल जाती हैं, जो कई संभावित खतरों का अनुमान लगाने में सहायक होती हैं।

  • कैंसर स्क्रीनिंग भी है ज़रूरी: उम्र, पारिवारिक इतिहास और रिस्क फैक्टर के हिसाब से कैंसर की आशंका बढ़ती है। अगर परिवार में किसी को पहले कैंसर हुआ हो, तो ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, धूम्रपान, शराब या पान-मसाला का सेवन करने वालों को निश्चित तौर पर कैंसर स्क्रीनिंग करा लेनी चाहिए, क्योंकि ये आदतें कैंसर का बड़ा रिस्क फैक्टर हैं।

कुछ और जांचें भी हैं कारगर

इनके अलावा, आंख और कान की जांच और ब्लड प्रेशर पर नज़र रखना भी ज़रूरी है। समय के साथ देखने और सुनने की क्षमता का कम होना सामान्य है, लेकिन नियमित जांच से समस्या को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। ब्लड प्रेशर भी कई अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए इस पर भी नज़र बनाए रखना ज़रूरी है।

इन बातों पर भी दें ध्यान

नियमित जांच के अलावा, किसी भी समस्या के लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना, नियमित व्यायाम करना, सही डाइट लेना, और धूम्रपान व शराब के सेवन से बचना भी ज़रूरी है। इससे कई स्वास्थ्य खतरों को कम करने में मदद मिलती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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